चमोली। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन लिया गया है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की शिकायत पर आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल निलंबित
बीकेटीसी ने चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 3 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
प्रारंभिक जांच में मिले अनियमितता के संकेत
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित जांच समिति द्वारा प्रारंभिक परीक्षण में आरोपों के प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
निलंबन अवधि के दौरान प्रमोद नौटियाल को बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ से संबद्ध किया गया है। साथ ही उन्हें सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और जांच में पूरा सहयोग करना अनिवार्य होगा।
CM धामी ने लिया सख्त संज्ञान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ मंदिर में सामने आए वित्तीय अनियमितता के आरोपों का गंभीर संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरकार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का फैसला लिया है।
गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति गठित
मामले की विस्तृत जांच के लिए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
सरकार ने समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस भी कर रही है अलग से जांच
बीकेटीसी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद बदरीनाथ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वित्तीय लेन-देन, संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





