उत्तरकाशी।नीरज उत्तराखंडी
जनपद में विकास कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने संबंधित विभागों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
वन भूमि हस्तांतरण के 220 से ज्यादा मामले लंबित
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार वन भूमि हस्तांतरण की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि वर्तमान में स्टेज-1 के 155 और स्टेज-2 के 65 प्रकरण लंबित चल रहे हैं। वहीं 76 मामलों को भारत सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है।
डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि विकास परियोजनाओं में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स के लिए सीए लैंड पैच चिह्नित किए जाएं और लैंड बैंक को तत्काल अपडेट किया जाए।
जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी
जल संस्थान और जल निगम की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन योजना से जुड़े वन भूमि हस्तांतरण मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
बैठक में ईई जल संस्थान उत्तरकाशी और जल निगम के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी डीएम ने कड़ा रुख अपनाया और दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में विकास कार्यों को गति देने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने और शासन स्तर पर समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी, रविंद्र पुंडीर, अधीक्षण अभियंता लोनिवि विजय कुमार, एडीएम मुक्ता मिश्र, अधिशासी अभियंता रजनीश सैनी, सनी दयाल और जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।




