मोरी/ उत्तरकाशी।28 मई 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
मोरी विकासखंड के हिमाचल प्रदेश से सटे दूरस्थ सेवा गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की पीड़ा उजागर कर दी। गांव की एक बीमार महिला को इलाज के लिए ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे करीब 11 किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद वाहन से उन्हें मोरी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार सेवा गांव निवासी 56 वर्षीय खंतरा देवी की मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और हालत इतनी खराब हो गई कि उनके पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया। गांव में सड़क और स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों ने आनन-फानन में डंडी-कंडी तैयार की और खड़ी पहाड़ियों व संकरे पगडंडी मार्ग से उन्हें धौला तक पहुंचाया।
ग्रामीणों ने बताया कि सेवा गांव से धौला तक करीब 11 किलोमीटर का कठिन पैदल रास्ता है। संकरी पगडंडी और खतरनाक पहाड़ी मार्ग के कारण बीमार व्यक्ति को ले जाना बेहद जोखिम भरा रहता है। महिला को सड़क तक पहुंचाने के बाद वाहन से मोरी अस्पताल लाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया।
सेवा गांव निवासी जगदीप ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। गांव में सड़क न होने के कारण हर बार बीमारों और गर्भवती महिलाओं को डंडी-कंडी के सहारे ही अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस वर्ष पहले धौला से सेवा गांव तक सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन आज तक सड़क पूरी नहीं हो सकी। अधूरी सड़क के कारण गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की है।
इस संबंध में पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सुभाष दौरियाल ने बताया कि सेवा गांव सड़क निर्माण का कार्य जारी है और विभाग की कोशिश है कि इसे जल्द पूरा किया जाए।




