बड़ी खबर(वीडियो): जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाके तक पहुंची आग। सड़क किनारे खड़ा वाहन जलकर राख

चमोली। रिपोर्ट-गिरीश चंदोला  गोपेश्वर में वनाग्नि ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जंगलों में धधक रही आग अब रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी है। मंगलवार शाम जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित नर्सिंग कॉलेज के पास जंगल में लगी आग तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे खड़े वाहनों तक पहुंच गई, जिससे एक वाहन पूरी तरह […]

चमोली। रिपोर्ट-गिरीश चंदोला 

गोपेश्वर में वनाग्नि ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जंगलों में धधक रही आग अब रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी है। मंगलवार शाम जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित नर्सिंग कॉलेज के पास जंगल में लगी आग तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे खड़े वाहनों तक पहुंच गई, जिससे एक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी, लेकिन फायर सर्विस की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही वाहन आग की चपेट में आ चुका था।

तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें

जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम नर्सिंग कॉलेज के समीप जंगल में लगी आग अचानक बेकाबू हो गई। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से रिहायशी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी और सड़क किनारे खड़े वाहनों तक पहुंच गई। इससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों और प्रशासन की कोशिशों के बावजूद एक वाहन को बचाया नहीं जा सका और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

चमोली के अधिकांश क्षेत्रों में वनाग्नि का संकट

चमोली जिले में इन दिनों वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ विकासखंडों तक जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार बढ़ते तापमान और सूखे मौसम के कारण आग पर नियंत्रण पाना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

वनाग्नि से न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि अब आम लोगों की संपत्ति और रिहायशी क्षेत्रों पर भी खतरा मंडराने लगा है।

बारिश से मिली राहत

शाम के समय मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश होने से जंगलों में धधक रही आग काफी हद तक शांत हुई, जिससे स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो वनाग्नि की घटनाओं में कमी आ सकती है। हालांकि फिलहाल जंगलों में आग की बढ़ती घटनाएं प्रशासन और वन विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

जान-माल की सुरक्षा पर बढ़ा खतरा

वनाग्नि के रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचने से लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगलों की आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधन तैनात करने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में बड़े नुकसान से बचा जा सके।

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