त्यूणी/देहरादून। नीरज उत्तराखंडी
उत्तराखंड के त्यूणी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। तहसील त्यूणी के सरनाड बस्ती में पब्बर नदी में डूबने से ढाई वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई।
हादसा उस समय हुआ जब सावड़ा-कुड्डू जलविद्युत परियोजना की ओर से नदी में पानी छोड़े जाने के बाद अचानक जलस्तर बढ़ गया और बच्ची तेज बहाव की चपेट में आ गई।
मृतक बच्ची की पहचान सरनाड बस्ती निवासी कैलाश थापा की ढाई वर्षीय पुत्री मरसिका के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
नदी किनारे खेल रही थी मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर नरनाडपानी क्षेत्र के पास कुछ बच्चे पब्बर नदी के किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान सावड़ा-कुड्डू जलविद्युत परियोजना से नदी में पानी छोड़ा गया, जिससे जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण मासूम मरसिका नदी में बह गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। थाना प्रभारी अश्विनी बलूनी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
घंटों की तलाश के बाद मिला शव
पुलिस और ग्रामीणों ने नदी किनारे व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी मशक्कत के बाद मासूम का शव नदी से बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पंचनामा भरकर शव परिवार को सौंप दिया गया।
चेतावनी सायरन पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सावड़ा-कुड्डू परियोजना की चेतावनी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पानी छोड़े जाने से पहले यदि प्रभावी तरीके से सायरन बजाया गया होता या लोगों को सतर्क किया गया होता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जाएगा कि पानी छोड़े जाने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चेतावनी सायरन प्रणाली को प्रभावी बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




