देहरादून। नीरज उत्तराखंडी
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित आपदा और भारी बारिश से निपटने की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने और समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
मानसून से पहले तैयारियों की समीक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने और राहत एवं बचाव संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हर स्थिति पर नजर रखने को कहा।
नदियों-नालों की सफाई और चैनलाइजेशन कार्य में तेजी के निर्देश
समीक्षा बैठक में नदियों और बरसाती नालों में चल रहे चैनलाइजेशन कार्यों के साथ पुलों के एबैटमेंट के पास जमा मलबे की सफाई की प्रगति पर चर्चा की गई।
डीएम ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। वहीं सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग को मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने को कहा गया।
जलभराव वाले क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
नगर निगम देहरादून और ऋषिकेश द्वारा नालों की सफाई की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने साफ किए गए नालों की सूची उपलब्ध कराने और शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।
खतरनाक पेड़ों को हटाने के आदेश
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में गिरे हुए और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील पेड़ों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डीएम ने वन विभाग को ऐसे पेड़ों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा यातायात और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खतरनाक पेड़ों को प्राथमिकता से हटाने के निर्देश दिए।
24 घंटे सक्रिय रहेंगे कंट्रोल रूम
डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान जिला आपदा नियंत्रण कक्ष, विभागीय कंट्रोल रूम और नामित नोडल अधिकारी 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।
किसी भी आपदा संबंधी सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया और राहत कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ मानसून से पहले तैयारियां पूरी करने और जनपद को आपदा जोखिमों से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर निगम देहरादून, नगर निगम ऋषिकेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
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