Suresh Rathore Arrested | Ankita Bhandari Case | Dehradun News | Suresh Rathore Jail
देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो विवाद में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डालनवाला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक सुरेश राठौर को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।
अदालत ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। मामले में पुलिस ने जांच के दौरान गंभीर धाराएं बढ़ाते हुए एक्सटॉर्शन (जबरन वसूली) की धारा भी शामिल की है।
बुग्गावाला से हुई गिरफ्तारी
पूर्व विधायक सुरेश राठौर को हरिद्वार जिले के बुग्गावाला क्षेत्र से कल देहरादून पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई अंकिता भंडारी मामले से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के संबंध में की गई है।
एक्सटॉर्शन की धारा जोड़ने से बढ़ी मुश्किल
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में दलील दी कि मामले में केवल आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का ही आरोप नहीं है, बल्कि राजनीतिक लाभ और पार्टी में पुनः सक्रिय भूमिका हासिल करने की मंशा से कथित तौर पर दबाव बनाने और एक्सटॉर्शन का प्रयास भी किया गया। पुलिस का कहना है कि यदि ऐसी मंशा नहीं होती तो संबंधित ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड कर सार्वजनिक रूप से वायरल नहीं किए जाते।
कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
इस मामले में सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार के झबरेड़ा, बहादराबाद, नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो-वीडियो में भाजपा नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
अंकिता भंडारी केस से जुड़ने पर बढ़ा विवाद
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर समय-समय पर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई दावे और आरोप सामने आते रहे हैं। इसी दौरान वायरल हुए कुछ ऑडियो-वीडियो में कथित तौर पर कई नेताओं के नाम लिए गए थे, जिसके बाद मामला और अधिक विवादित हो गया। पुलिस अब वायरल सामग्री की वैधानिक जांच के साथ पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
राजनीति में फिर गरमाया मामला
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े इस मामले के दूरगामी राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





