‘हर घर जल’ बना मजाक: करोड़ों खर्च के बावजूद सूखे पड़े नल। ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

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मोरी (उत्तरकाशी)।नीरज उत्तराखंडी 

उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड स्थित कलीच गांव में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई पेयजल योजना सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद गांव के लोगों को आज तक नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। ऐसे में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “हर घर जल, हर घर नल” कलीच गांव में धरातल पर पूरी तरह विफल नजर आ रही है।

करोड़ों की योजना, लेकिन नलों में नहीं पानी

ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन और अन्य संरचनाएं तो खड़ी कर दी गईं, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा है। लोगों का आरोप है कि पहले विभाग की ओर से स्टैंड पोस्ट के माध्यम से पानी की व्यवस्था की जाती थी, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिल जाती थी।

लेकिन अब गांव में केवल पाइप लगाए गए हैं, जिनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। ग्रामीणों ने योजना की स्थिति दर्शाने वाली तस्वीरें भी प्रशासन को उपलब्ध कराई हैं।

भ्रष्टाचार और बजट के दुरुपयोग का आरोप

शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और पेयजल सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा जारी किए जा रहे करोड़ों रुपये के बजट का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित एजेंसियां जनता की मूलभूत जरूरतों की अनदेखी कर रही हैं, जबकि कागजों में योजनाओं को सफल दिखाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और योजना में हुई कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई और योजना की जांच शुरू नहीं हुई, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें बार-बार आवाज उठानी पड़ रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

योजना की पारदर्शिता पर उठे सवाल

कलीच गांव में जल जीवन मिशन को लेकर सामने आए आरोपों ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की गुणवत्ता, निगरानी और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है और करोड़ों रुपये की इस योजना की वास्तविक स्थिति जांच में क्या सामने आती है।

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Parvatjan Team
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