चमोली: उत्तराखंड के बदरीनाथ हाईवे पर आज एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। बदरीनाथ धाम से लौट रही तीर्थयात्रियों से भरी बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए, जिससे कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि चालक की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के चलते 32 श्रद्धालुओं की जान बच गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया।
लामबगड़ के पास अचानक फेल हुए बस के ब्रेक
जानकारी के अनुसार बस संख्या CH02AA5747 बदरीनाथ धाम से वापस लौट रही थी। जैसे ही बस बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। बस अनियंत्रित होने लगी और हादसे का खतरा बढ़ गया।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक बहादुर सिंह ने साहस और समझदारी का परिचय दिया। उन्होंने बस को खाई की तरफ जाने से रोकते हुए सड़क किनारे पहाड़ी चट्टानों की ओर मोड़ दिया। बस पत्थरों पर चढ़कर रुक गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
दो श्रद्धालु घायल, हालत खतरे से बाहर
हादसे के समय बस में कुल 32 तीर्थयात्री सवार थे। घटना में दो श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों की पहचान कमलेश (60 वर्ष), पत्नी चंदनमणि शर्मा, निवासी बीरपुर, पंजाब और ओमानस (14 वर्ष), पुत्र रमण शर्मा, निवासी गुरुग्राम, हरियाणा के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को तत्काल पांडुकेश्वर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, यात्रियों को सुरक्षित भेजा गया
मिली जानकारी के अनुसार,हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। मार्ग पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ अन्य यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था भी की गई।
चालक की सूझबूझ बनी 32 जिंदगियों की ढाल
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने चालक बहादुर सिंह की सराहना की है। यदि चालक समय रहते बस को नियंत्रित नहीं करता तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। चालक की सूझबूझ और साहस के कारण 32 तीर्थयात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
चारधाम यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर वाहन संचालन में सतर्कता और तकनीकी जांच की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।





