देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राज्य में सक्रिय कट्टरपंथी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंहनगर के गदरपुर से गिरफ्तार संदिग्ध मोहम्मद सलाउद्दीन को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एसटीएफ के अनुसार आरोपी खुद को फिदायीन हमले के लिए तैयार कर रहा था और अपनी शारीरिक ट्रेनिंग के वीडियो देश-विदेश में बैठे अपने आकाओं तक पहुंचा रहा था।
फिदायीन मिशन के लिए कर रहा था विशेष तैयारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सलाउद्दीन नियमित रूप से दौड़, पुशअप्स और अन्य शारीरिक अभ्यासों के वीडियो बनाकर अपने हैंडलरों को भेजता था। वह टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए संदिग्ध आतंकियों के संपर्क में था। चैट रिकॉर्ड में वह खुद को हर तरह के मिशन और टास्क के लिए तैयार बताता हुआ पाया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर मस्जिदों और मजारों को ध्वस्त किए जाने की घटनाओं से वह प्रभावित हुआ था। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी तत्वों ने उससे संपर्क किया और धीरे-धीरे उसकी सोच को उग्र बनाया। इसके बाद वह राष्ट्रविरोधी और जिहादी विचारधारा से जुड़े कई ऑनलाइन समूहों में सक्रिय हो गया।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए अन्य युवाओं को भी कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
मोबाइल से मिले जिहादी सामग्री के सबूत
एसटीएफ को आरोपी के मोबाइल फोन से जिहाद, शहादत और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री मिली है। इसके आधार पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियां उसके डिजिटल नेटवर्क, संपर्कों और संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन की गहन जांच कर रही हैं। मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
धमाके की साजिश का खुलासा, तेलंगाना से मिले थे डेटोनेटर
जांच में एक बड़े आतंकी षड्यंत्र के संकेत भी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सलाउद्दीन किसी बड़े धमाके की साजिश में शामिल था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तेलंगाना निवासी जुबेर नामक व्यक्ति ने उसे चार डेटोनेटर उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा आर्थिक सहायता भी दी गई थी।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन डेटोनेटरों का इस्तेमाल किस लक्ष्य पर और किस उद्देश्य से किया जाना था। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी घटना हो सकती थी।
रामपुर के युवक को भी जिहादी नेटवर्क में फंसाने की कोशिश
एसटीएफ जांच में यह भी सामने आया है कि सलाउद्दीन उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी अताउल्ला समीर नामक युवक को भी जिहादी नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। आरोपी के मोबाइल की जांच में मिले इनपुट के आधार पर एसटीएफ की टीम ने रामपुर पहुंचकर समीर से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान पता चला कि सोशल मीडिया के जरिए उसे कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया इकाइयों ने उससे गहन पूछताछ की। फिलहाल उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि उसका मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ फैलाने वालों पर STF की नजर
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की ओर धकेलने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
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