अंबाला: हरियाणा के अंबाला में ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर जालसाजों ने रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर एक व्यक्ति को अपने जाल में फंसाया और खुद को ‘उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दामाद’ बताकर करीब 50 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित की शिकायत पर महेश नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
🔍 मामले के मुख्य बिंदु:
- पीड़ित का नाम: जनक दास
- दर्ज आरोपी: जितेंद्र सिंह शेरगिल, जसविंद्र कौर उर्फ रीना, राजवीर सिंह शेरगिल, रणवीर सिंह शेरगिल और कमल गुप्ता।
- ठगी की कुल रकम: लगभग 50 लाख रुपये
- कार्यवाही: अंबाला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे बिछाया गया मुनाफे का जाल
इस हाई-प्रोफाइल ठगी की शुरुआत एक आकर्षक प्रॉपर्टी डील से हुई। शिकायतकर्ता जनक दास के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र सिंह शेरगिल ने उन्हें एक हजार वर्ग गज का प्लॉट मात्र 4,000 रुपये प्रति वर्ग गज के सस्ते दाम पर दिलाने का लालच दिया।
शिकार को फंसाने के लिए जितेंद्र ने कहानी गढ़ी कि एक अन्य बड़ा ग्राहक इसी प्लॉट को 6,250 रुपये प्रति वर्ग गज में खरीदने के लिए तैयार बैठा है, जिससे उन्हें तुरंत भारी मुनाफा होगा। पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए जितेंद्र ने फर्जी ग्राहक को फोन मिलाया, एक लाख रुपये ‘टोकन मनी’ मिलने का नाटक किया और मौके का फायदा उठाकर पीड़ित से 4.5 लाख रुपये नकद ऐंठ लिए।
‘सीएम के दामाद’ की फिल्मी एंट्री
ठगी की इस स्क्रिप्ट में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब जितेंद्र ने जनक दास को अपने घर बुलाया। वहां उनकी मुलाकात कमल गुप्ता नाम के शख्स से कराई गई। कमल ने बेहद आत्मविश्वास के साथ खुद को उत्तराखंड के सीएम का दामाद बताया। सौदा पक्का करने का नाटक करते हुए इस ‘फर्जी दामाद’ ने 30 लाख रुपये कैश भी दिखाए ताकि पीड़ित को पूरी डील असली लगे।
दबाव में करवाई रजिस्ट्री, बाद में खुला राज
आरोपियों के भारी दबाव और बड़े मुनाफे के लालच में आकर जनक दास ने 20 लाख रुपये जितेंद्र के बेटे राजबीर के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।10 लाख रुपये नकद सौंप दिए ,इसके बाद पीड़ित ने यह जमीन अपनी पत्नी के नाम पर रजिस्टर करवा ली।
लेकिन, इस पूरे फर्जीवाड़े की पोल तब खुली जब पीड़ित ने खुद जमीन की वास्तविक कीमत की छानबीन की। जिस जमीन का सौदा 4000 रुपये प्रति वर्ग गज में हुआ था, उसकी असल बाजार कीमत मात्र 1,000 से 1,500 रुपये प्रति वर्ग गज निकली।
फिलहाल, महेश नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का संज्ञान लेते हुए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी धरपकड़ के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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