नई दिल्ली। देशभर में राशन कार्ड धारकों और मुफ्त राशन योजना का लाभ लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया है।
इस प्रक्रिया के तहत लाखों अपात्र लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं। अब उनकी जगह करीब 3 करोड़ नए पात्र और जरूरतमंद लोगों को राशन कार्ड जारी किए जाने की संभावना है।
2.21 करोड़ अपात्र लाभार्थियों के नाम हटाए गए
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, खाद्य मंत्रालय ने देशभर में करीब 8.51 करोड़ संदिग्ध और अपात्र लाभार्थियों की पहचान की थी। इसके बाद राज्यों को सूची भेजकर सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जांच के बाद अब तक 2.21 करोड़ अपात्र लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें मृत व्यक्तियों, आयकरदाताओं, चार पहिया वाहन रखने वालों और अन्य अपात्र श्रेणी के लोगों के नाम शामिल हैं।
3 करोड़ नए पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि हटाए गए अपात्र लाभार्थियों की जगह नए पात्र और जरूरतमंद परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन कार्ड जारी किए जाएं। इससे लगभग 3 करोड़ नए लोगों को राशन योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है।
इस कदम से उन गरीब परिवारों को राहत मिलेगी जो पात्र होने के बावजूद अब तक राशन कार्ड और मुफ्त अनाज योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता
सरकार का कहना है कि राशन वितरण प्रणाली के डिजिटलीकरण से फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान हुई है। आधार लिंकिंग, ई-केवाईसी और डिजिटल डेटा वेरिफिकेशन की मदद से अपात्र लोगों को चिन्हित कर सूची से हटाया जा रहा है।
इससे सरकारी अनाज की चोरी, फर्जीवाड़े और दोहरे लाभार्थियों पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
79 करोड़ लोग उठा रहे हैं राशन योजना का लाभ
खाद्य मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देशभर में करीब 79 करोड़ लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मुफ्त या रियायती दर पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य लगभग 80 करोड़ पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाना है।
क्या करें पात्र परिवार?
यदि आपका परिवार राशन कार्ड के लिए पात्र है लेकिन अब तक सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो आने वाले समय में आपके लिए अवसर बन सकता है। राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन नए पात्र परिवारों को सूची में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
ऐसे में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें और समय-समय पर स्थानीय राशन कार्यालय से जानकारी प्राप्त करते रहें।





