उत्तरकाशी, 20 जून।नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए विदेश भेजने और वीजा दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विदेश फरार होने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और समय पर जारी किए गए लुक आउट नोटिस के चलते वह अमृतसर एयरपोर्ट पर ही पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार मार्च 2026 में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे विदेश भेजने और वीजा उपलब्ध कराने के नाम पर 3.20 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
नोटिस के बावजूद जांच में नहीं कर रहा था सहयोग
मामले की जांच के दौरान आरोपी को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन वह पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश तेज कर दी गई।
तकनीकी निगरानी से मिला सुराग, जारी हुआ लुक आउट नोटिस
जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के जरिए जानकारी मिली कि आरोपी विदेश भागने की तैयारी कर रहा है। इस सूचना के आधार पर उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कराया गया। 18 जून 2026 को आरोपी अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचा, जहां इमिग्रेशन अधिकारियों ने लुक आउट नोटिस के आधार पर उसे रोक लिया और उत्तरकाशी पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही उत्तरकाशी पुलिस की टीम अमृतसर पहुंची और आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर उत्तराखंड लाई। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पंजाब का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसप्रीत सिंह (22 वर्ष) पुत्र लखविंदर सिंह, निवासी बरनाला, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी के अन्य संभावित नेटवर्क और धोखाधड़ी के मामलों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी टीम में शामिल रहे ये पुलिसकर्मी
- उपनिरीक्षक विनोद पंवार
- हेड कांस्टेबल महिपाल सिंह
- कांस्टेबल कपिल कुमार
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
उत्तरकाशी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि विदेश भेजने, नौकरी दिलाने या वीजा उपलब्ध कराने के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े से सतर्क रहें। किसी भी एजेंट या संस्था को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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