देहरादून। देश के विभिन्न राज्यों में हाल के दिनों में सामने आई आग लगने की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर के अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े शॉपिंग मॉल, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश भर के सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। उन्होंने…
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) June 23, 2026
फायर सेफ्टी मानकों की होगी गहन जांच
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए—
- अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता
- आपातकालीन निकास मार्गों (Emergency Exit) की स्थिति
- विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण
- आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी की तैयारी
- भवनों में लागू सुरक्षा मानकों का अनुपालन
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है, इसलिए सभी संबंधित विभाग पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करें।
समयबद्ध तरीके से पूरी होगी जांच
मुख्यमंत्री धामी ने अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से जांच प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना में जनहानि को रोका जा सके।
इससे पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जनसुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रदेश सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सार्वजनिक भवनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेशभर में प्रस्तावित फायर सेफ्टी ऑडिट के बाद सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है।





