अगलाड़, टिहरी गढ़वाल 27 जून 2026/ नीरज उत्तराखंडी
टिहरी जनपद की अगलाड़ नदी में सदियों पुरानी लोक परंपरा ‘मौन मेला’ शनिवार को पूरे उत्साह, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। इस अनूठे आयोजन में 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। दोपहर एक बजे मौनकोट से शुरू हुआ सामूहिक मत्स्य आखेट लगभग चार किलोमीटर दूर अगलाड़-यमुना संगम तक चलता रहा।
मेला विकास समिति के अध्यक्ष महिपाल सजवाण ने बताया कि परंपरा के अनुसार सभी पानत्तीदारों की उपस्थिति में नदी में टिमरू पाउडर डाला गया, जिसके बाद हजारों ग्रामीण एक साथ नदी में उतरकर मछली पकड़ने लगे। यह दृश्य देखने लायक था।
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष मेले के दौरान लगभग 15 हजार किलोग्राम मछलियां पकड़ी गईं। मेले में जौनपुर, जौनसार, उत्तरकाशी के गोड़र-खटल क्षेत्र, मसूरी और विकासनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
आयोजन के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, जिससे पूरा मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
‘मौन मेला’ उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, सामूहिक सहभागिता और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है।





