हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण (NDAA) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा मानकों का अभाव मिलने पर पांच कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई के साथ ही अब तक 12 कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की कार्रवाई हो चुकी है।
इन 5 कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का सीलिंग अभियान
जिला विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान पांच कोचिंग संस्थानों को सील किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इन संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।
लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन हुआ सख्त
हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद उत्तराखंड में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू की गई है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी शिक्षण संस्थान में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच में मिलीं कई गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई कोचिंग संस्थानों में गंभीर लापरवाही मिली। इनमें प्रमुख रूप से—
- फायर एनओसी का अभाव
- इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं
- सुरक्षा मानकों का पालन नहीं
- भवन सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी
प्रशासन ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की।
पहले भी 7 कोचिंग सेंटर किए जा चुके हैं सील
यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी नियमों का उल्लंघन करने पर 7 कोचिंग सेंटरों को सील किया जा चुका है। लगातार हो रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालित संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखेगा।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संचालकों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द फायर एनओसी, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, इमरजेंसी एग्जिट सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना किसी भी संस्थान को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





