खबर का बड़ा असर: डाकघर कांड में पोस्टमैन सस्पेंड। जानिए मामला 

चमोली: गिरीश चंदोला  उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित तुंगेश्वर डाकघर में डाक वितरण में भारी लापरवाही के मामले में डाक विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी डाक समय पर वितरित न करने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कमरे में बोरियों में रखने के आरोपों के बाद संबंधित पोस्टमैन हिमांशु कुमार को […]

चमोली: गिरीश चंदोला 

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित तुंगेश्वर डाकघर में डाक वितरण में भारी लापरवाही के मामले में डाक विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

सरकारी डाक समय पर वितरित न करने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कमरे में बोरियों में रखने के आरोपों के बाद संबंधित पोस्टमैन हिमांशु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

आधार, ATM कार्ड और स्पीड पोस्ट की बोरियां मिलने से मचा था हड़कंप

जानकारी के अनुसार, पोस्टमैन हिमांशु कुमार के कमरे से तीन से चार बोरियों में बड़ी मात्रा में सरकारी डाक बरामद होने का मामला सामने आया था।

इन बोरियों में आधार कार्ड, ATM कार्ड, स्पीड पोस्ट, चेक बुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे, जिन्हें लंबे समय तक संबंधित लोगों तक नहीं पहुंचाया गया था।

डाक विभाग ने किया तत्काल निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षक डाकघर, चमोली अजय कुमार ने संबंधित पोस्टमैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल

पोस्टमैन के निलंबन के बाद भी कई सवाल अभी बाकी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी डाक लंबे समय तक एक कर्मचारी के पास पड़ी रही, तो संबंधित पोस्टमास्टर और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी?

लोग यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर इतनी गंभीर लापरवाही की जिम्मेदारी केवल एक कर्मचारी की है या फिर विभाग के अन्य अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।

ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पोस्टमैन के निलंबन के साथ-साथ पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उनका मानना है कि यदि निगरानी व्यवस्था समय पर प्रभावी होती, तो आधार कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य जरूरी डाक महीनों तक बोरियों में बंद नहीं रहती।

विभागीय जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल डाक विभाग की इस कार्रवाई को तुंगेश्वर डाकघर प्रकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।

अब सभी की निगाहें विभागीय जांच पर हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में केवल पोस्टमैन की लापरवाही थी या फिर विभागीय स्तर पर भी कहीं गंभीर चूक हुई है।

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