उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून के बीच मौसम विज्ञान विभाग ने 6 अगस्त 2026 के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम और संभावित आपदा को देखते हुए बागेश्वर और चमोली जिला प्रशासन ने गुरुवार, 6 अगस्त को सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
जारी आदेशों के अनुसार दोनों जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।
बागेश्वर में स्कूल बंद का आदेश
बागेश्वर के प्रभारी जिलाधिकारी एन.एस. नवियाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मौसम विभाग, देहरादून द्वारा 5 अगस्त को जारी पूर्वानुमान के अनुसार 6 अगस्त को जिले के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा, तेज गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
इसी को देखते हुए जनपद के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चमोली में भी सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
चमोली जिला प्रशासन ने भी मौसम विभाग की चेतावनी के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए 6 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
आदेश में कहा गया है कि जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ तीव्र वर्षा की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

प्रशासन ने दिए सतर्कता के निर्देश
दोनों जिलों के अधिकारियों को निम्न निर्देश जारी किए गए हैं:
- विद्यालय परिसर में किसी भी गतिविधि का संचालन न किया जाए।
- आपदा संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
- राजस्व, पुलिस, शिक्षा और बाल विकास विभाग समन्वय बनाए रखें।
- स्थानीय लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान:
- भारी से बहुत भारी बारिश
- गरज-चमक के साथ तेज बौछारें
- आकाशीय बिजली गिरने की संभावना
- भूस्खलन और नदियों-नालों के उफान पर आने का खतरा
बना हुआ है।







