राजधानी देहरादून और मसूरी क्षेत्र के नियोजित विकास को नई गति देते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 114वीं बोर्ड बैठक में 25 महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
गढ़वाल आयुक्त एवं एमडीडीए अध्यक्ष आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लैंड पूलिंग योजना, होटल, पर्यटन इकाइयों, औद्योगिक भवनों, रिटेल आउटलेट, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट निर्माण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
कल्याणपुर लैंड पूलिंग योजना को मिली बड़ी मंजूरी
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय विकासनगर क्षेत्र के कल्याणपुर (परगना पछवादून) में संचालित एमडीडीए की लैंड पूलिंग योजना को लेकर रहा। योजना के तहत खरीदी गई भूमि के प्रथम चरण के लिए तैयार तलपट के भू-उपयोग को निःशुल्क परिवर्तित करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने नियमानुसार आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
एमडीडीए अधिकारियों का मानना है कि इससे विकासनगर क्षेत्र में योजनाबद्ध आवासीय और व्यावसायिक विकास का रास्ता साफ होगा।
होटल, पर्यटन और निवेश परियोजनाओं को हरी झंडी
बैठक में पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई निजी और संस्थागत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड ने निम्न क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की: होटल निर्माण,पर्यटन इकाइयां,औद्योगिक भवन,रिटेल आउटलेट,प्रोफेशनल ऑफिस,आश्रम,हॉस्टल,रेस्टोरेंट भवन सभी प्रस्तावों पर तकनीकी और नियामकीय समीक्षा के बाद ही स्वीकृति दी गई है।
एमडीडीए बोर्ड के निर्णयों को देहरादून और मसूरी क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के लागू होने से: निवेश में वृद्धि,स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर,आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार,पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नियोजित विकास पर एमडीडीए का विशेष फोकस
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि तेजी से विस्तार कर रहे देहरादून और मसूरी क्षेत्र का विकास पूरी तरह योजनाबद्ध और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी सभी विकास कार्य पारदर्शिता, तकनीकी मानकों और नियामकीय प्रक्रिया का पालन करते हुए ही आगे बढ़ाए जाएंगे।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा “बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय क्षेत्र के संतुलित और नियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लैंड पूलिंग सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति मिलने से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।”
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया:“बोर्ड से स्वीकृत सभी प्रस्तावों पर नियम अनुसार और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक परियोजना को पारदर्शिता के साथ निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।”
देहरादून के शहरी विकास में क्यों अहम है यह बैठक?
विशेषज्ञों के अनुसार एमडीडीए की यह बैठक देहरादून-मसूरी शहरी क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास मॉडल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेष रूप से लैंड पूलिंग मॉडल भविष्य में अव्यवस्थित शहरी विस्तार को नियंत्रित करने और आधारभूत सुविधाओं के साथ नियोजित विकास सुनिश्चित करने में मददगार हो सकता है।


