रिपोर्ट: लोकेंद्र रावत, गोपेश्वर, चमोली
चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर की आदर्श कॉलोनी में नमामि गंगे परियोजना की सीवर लाइन बंद होने से 35 से अधिक परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब एक-दो साल तक सीवर कनेक्शन का लाभ लेने के बाद लाइन बंद होने से अब सीवर का गंदा पानी जगह-जगह लीक हो रहा है। इससे कॉलोनी में गंदगी और दुर्गंध फैलने के साथ ही भवनों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नमामि गंगे परियोजना के तहत आदर्श कॉलोनी में सीवर लाइन से कई भवनों को कनेक्शन दिए गए थे। उपभोक्ता नियमित रूप से सीवर का बिल भी जमा कर रहे थे, लेकिन कुछ समय बाद रास्ते में बने सीवर चैंबर मिट्टी से पूरी तरह बंद हो गए। इसके बाद सीवर लाइन का संचालन प्रभावित हो गया और लोगों के कनेक्शन भी बंद हो गए।
सीवर व्यवस्था बाधित होने के कारण अब घरों से निकलने वाला गंदा पानी जगह-जगह से लीक होकर रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है। इससे लोगों को दुर्गंध के साथ-साथ मक्खी-मच्छरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बनी इस स्थिति के कारण बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश में बढ़ रहा भवनों को नुकसान का खतरा
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। सीवर का पानी आसपास जमा होने और जमीन में रिसने के कारण भवनों की नींव पर भी असर पड़ने की आशंका है। लोगों को लगातार अपने मकानों को नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने जल संस्थान गोपेश्वर के अधिकारियों को समस्या से कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग द्वारा रास्ते में बने सीवर चैंबरों की सफाई और सीवर लाइन को सुचारु करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से लोगों में नाराजगी है।
बिल जमा करने के बावजूद सुविधा से वंचित उपभोक्ता
सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि जिन परिवारों ने नमामि गंगे परियोजना के सीवर कनेक्शन का लाभ लिया और उसके लिए बिल भी जमा किया, उन्हें अब सीवर सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि यदि कनेक्शन व्यवस्था शुरू की गई थी तो उसके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की है।
आदर्श कॉलोनी के लोगों ने जल संस्थान से सीवर चैंबरों की तत्काल सफाई कराने, बंद सीवर लाइन को दोबारा सुचारु करने और जगह-जगह हो रहे सीवर लीकेज को रोकने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा लोगों के मकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है।


