देहरादून: उत्तराखंड में पोस्ट मानसून बारिश का दौर शुरू होते ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। आने वाले दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के तेज दौर के चलते तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ने से इस बार अक्टूबर में ही लोगों को गुलाबी ठंड के बजाय ठिठुरन का अहसास हो सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ तापमान तेजी से गिर सकता है।
पहाड़ों की बारिश से मैदानों में भी बढ़ेगी ठंड
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने के साथ इसका असर मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर भी पड़ने की संभावना है। मौसम में बदलाव के चलते आने वाले दिनों में सुबह और शाम के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
देहरादून में बारिश, सहस्रधारा में 47.5 MM पानी बरसा
मंगलवार को भी दोपहर बाद प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई। देहरादून में बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियसदर्ज किया गया, जो सामान्य रहा।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सहस्रधारा में सबसे ज्यादा 47.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
7 अक्टूबर को इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने 7 अक्टूबर को देहरादून समेत कई जिलों के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में शामिल हैं: देहरादून ,अल्मोड़ा ,चंपावत ,नैनीताल ,टिहरी, पौड़ी ,हरिद्वार ,ऊधमसिंह नगर
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है।
4200 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी के आसार
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में तेजी से गिरावट आने और ठंड बढ़ने की संभावना है। इसका असर धीरे-धीरे मैदानी जिलों में भी महसूस किया जा सकता है।






