गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा का सत्र मंगलवार, 27 अक्टूबर से भराड़ीसैंण में शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल तेज है।
विपक्षी कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। वहीं, सदन में 31 विधायकों की ओर से लगाए गए 426 सवालों के जवाब सरकार को देने होंगे।
कंटीले तारों और लोहे के गेटों से सुरक्षा कड़ी
विधानसभा घेराव के ऐलान को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। दुकमुतासैंण, दीवालीखाल, जंगलचट्टी, परवाड़ी और सारकोट मोटर मार्ग सहित संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। कई जगह कंटीले तार और लोहे के मजबूत गेट लगाए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोका जा सके।
1500 जवान तैनात, 5 सुपर जोन में बांटा क्षेत्र
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। विधानसभा और गैरसैंण क्षेत्र को पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में बांटकर निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था में सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, यातायात पुलिस, पीएसी, आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते सहित अन्य एजेंसियां शामिल हैं।
31 विधायकों के 426 सवालों पर होगी चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, सत्र के सुचारू संचालन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। इस सत्र के लिए 31 विधायकों ने कुल 426 सवाल लगाए हैं। ऐसे में सदन में जनसमस्याओं और प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
पास और वाहन प्रवेश के नियम सख्त
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए नियम सख्त किए गए हैं। कर्मचारियों को भी वैध वाहन प्रवेश पत्र के बिना परिसर में वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विधायकों की संस्तुति पर एक व्यक्ति और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे।
वेबकास्टिंग से देख सकेंगे सदन की कार्यवाही
विधानसभा सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और आईटी विकास अभिकरण की मदद से आमजन सदन की कार्यवाही देख सकेंगे।






