वीडियो : “गोबर-गोमूत्र स्नान” कोरोना से बचने को संत गोपालमणि का ज्ञान

जगदम्बा कोठारी
कोरोना के मचे बवाल के बीच देश के जाने माने संत और गोकथा वाचक गोपाल मणि महाराज ने कोरोना से बचने के लिए गोमूत्र और गोबर से नहाते हुए खुद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो मे गोबर से नहाते हुए वह कह रहे हैं कि कोरोना हमारा छुपा हुआ शत्रु है और इस छिपे शत्रु से लड़ने के लिए हमे छिपा शस्त्र चाहिए और यह ब्रह्मास्त्र गोमूत्र और गोबर से नहाने से मिलता है।
गोपालमणि जी के इस ज्ञान पर लगता है उन सभी को सांप सूंघ गया है जो कोरोना पर भ्रम फैलाने वालों पर चटपट मुकदमा दर्ज करते फिर रहे हैं। अथवा वे सोच रहे हैं कि गोपालमणि से कौन पंगा ले !
देखिए वीडियो 

https://youtu.be/1DSePJc5Zk0

 

उनका दावा है कि इस प्रकार नहाने से कोरोना जैसी बीमारी आपके नजदीक नहीं आयेगी। साथ ही उन्होंने कहा है कि कोरोना एक विश्व स्तरीय बीमारी है और गाय विश्व की माता है। संस्कृत और हिंदी के प्राखंड विद्वान संत गोपाल मणि महाराज ने अंग्रेजी मे ‘Cow’ यानी गाय की परिभाषा समझाते हुए कहा कि Cow मे ‘C’ मतलब Corona, ‘O’ से Out और ‘W’ से World है। इसका अर्थ हुआ कि ‘Corona out from World’ यानी कोरोना दुनिया से चला जा।
उन्होंने सार्वजनिक तौर पर वीडियो जारी कर लोगों से कोरोना से बचने के लिए गोमूत्र और गोबर के मिश्रण से नहाने का आह्वावन किया है जबकि सरकार की ओर से सख्त निर्देश हैं कि कोरोना से सम्बंधित भ्रामक जानकारी और खबर सोशल मीडिया पर पोस्ट या प्रकाशित करने पर उक्त व्यक्ति के खिलाफ आई टी एक्ट मे मुकदमा दर्ज किया जाए। बावजूद जारी चेतावनी के गोपाली मणि महाराज द्वारा इस प्रकार का एक भ्रामक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस बात मे तथ्य हो सकते हैं कि गाय के गोबर और गोमूत्र मे बैक्टीरिया मारने की क्षमता अन्य जानवरों के मुकाबले कई गुना अधिक होती है लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि गाय के गोबर और गोमूत्र से नहाने पर कोरोना जैसे वायरस से बचा सकता है और न ही इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार है। बावजूद इसके संत गोपाल मणि पर पुलिस अभी तक कोई कार्यवाही नहीं कर सकी है। जबकि प्रदेश भर मे पुलिस कोरोना पर ज्ञान दे रहे इस प्रकार के आम लोगों पर कई मुकदमे दर्ज कर चुकी है वहीं गोपाल मणि महाराज को लेकर मौन साधे है।
यहां बता दें कि प्रसिद्द संत और गोसेवक गोपालमणि महाराज का जन्म उत्तरकाशी जनपद के पट्टी गमरी के बादशी गांव मे हुआ था। वह देश के जाने माने गोकथा वाचक हैं और लोकसभा चुनाव 2019 मे टिहरी लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुके हैं।
सीएम त्रिवेंद्र रावत भी दे चुके हैं इस प्रकार का बयान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी एक बार गाय के बारे ज्ञान देने को लेकर फजीहत झेल चुके हैं। एक कार्यक्रम मे सीएम ने कहा था कि गाय एकमात्र ऐसी जीव है जो प्राणवायु (ऑक्सिजन) छोड़ती है और थोड़ी देर तक उसे सहलाने भर से लोगों की सांस की बीमारी सही हो सकती है। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने बाद मे सफाई देते हुए कहा है कि यह पहाड़ के लोगों की भावना है और सीएम ने सिर्फ उसे आवाज दी है।

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