क्या आपने अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) शुरू की है? अगर नहीं, तो अब देर न करें। जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा।
फिलहाल मार्केट में कई बेहतरीन रिटायरमेंट स्कीम्स मौजूद हैं—जैसे EPF (Employees Provident Fund), PPF (Public Provident Fund) और NPS (National Pension System)।
ये तीनों स्कीमें एक जैसी लगती जरूर हैं, लेकिन इनकी कमाई, टैक्स बेनिफिट्स और जोखिम स्तर में बड़ा फर्क है।
EPF: कर्मचारियों के लिए सुरक्षित विकल्प, 8.25% ब्याज दर के साथ
अगर आप प्राइवेट या सरकारी नौकरी करते हैं, तो आप EPF के दायरे में आते हैं।
इस स्कीम में हर महीने आपकी बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का एक हिस्सा आपके EPF अकाउंट में जमा होता है, और आपका नियोक्ता (Employer) भी उतनी ही राशि का योगदान करता है।
सरकार ने फिलहाल EPF पर 8.25% ब्याज दर तय की है।
रिटायरमेंट के समय जमा पूरी रकम एकमुश्त (Lump Sum) मिलती है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में पहले भी निकासी की अनुमति होती है।
PPF: सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों के लिए लंबी अवधि की सुरक्षित स्कीम
अगर आप सेल्फ-एम्प्लॉयड (Self-Employed) हैं या आपका खुद का बिजनेस है, तो PPF (Public Provident Fund) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
यह स्कीम 15 साल की अवधि की होती है, जिसमें आप हर साल न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकते हैं।
वर्तमान में PPF का ब्याज दर 7.1% है।
इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा है कि म्यूच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह टैक्स फ्री होता है।
आप 7वें साल से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) भी कर सकते हैं।
NPS: मार्केट-लिंक्ड स्कीम, ज्यादा रिटर्न के साथ
NPS (National Pension System) तीनों में सबसे नई और मार्केट-लिंक्ड स्कीम है।
इसमें आपका पैसा शेयर मार्केट, सरकारी बॉन्ड्स और कॉरपोरेट सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है।
आप अपनी पसंद के अनुसार तय कर सकते हैं कि किस एसेट क्लास में ज्यादा निवेश करना है।
रिटायरमेंट के समय आपको 60% राशि एकमुश्त मिलती है, जबकि बाकी 40% से एन्युटी (Annuity) खरीदनी होती है।
एन्युटी से आपको हर महीने पेंशन (Monthly Pension) मिलती है।
एक्सपर्ट्स की राय: इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?
वित्त विशेषज्ञों के अनुसार,
- अगर आप प्राइवेट जॉब में हैं, तो आप EPF, PPF और NPS—तीनों में निवेश कर सकते हैं।
- अगर आप सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं, तो PPF और NPS आपके लिए बेस्ट रहेंगे।
- जो लोग कम जोखिम (Low Risk) के साथ टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए PPF बेहतर विकल्प है।
- वहीं, उच्च रिटर्न और इक्विटी एक्सपोजर चाहने वालों के लिए NPS सबसे अच्छा रहेगा।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक अपनी रिस्क लेने की क्षमता, फाइनेंशियल गोल और इनकम लेवल के अनुसार इन योजनाओं में निवेश तय करें।
EPF vs PPF vs NPS — एक नजर में तुलना
| स्कीम | ब्याज दर | जोखिम स्तर | टैक्स बेनिफिट | निकासी की सुविधा | निवेश अवधि |
|---|---|---|---|---|---|
| EPF | 8.25% | कम | EEE (टैक्स-फ्री) | सीमित | नौकरी अवधि तक |
| PPF | 7.1% | बहुत कम | EEE (टैक्स-फ्री) | 7वें साल से | 15 वर्ष |
| NPS | मार्केट-आधारित (10-12% संभावित) | मध्यम-उच्च | आंशिक टैक्स बेनिफिट | आंशिक | रिटायरमेंट तक |



