एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: सड़क चौड़ीकरण के पहले फेज में 5 करोड़ की मुआवजा राशि जारी

देहरादून — मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े प्रभावित भूमि-सम्पत्तियों के मद में महत्वपूर्ण प्रगति जताई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और लोकहित को ध्यान में रखकर आज प्राधिकरण ने परियोजना से प्रभावित कुछ परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा भुगतान का […]

देहरादून — मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े प्रभावित भूमि-सम्पत्तियों के मद में महत्वपूर्ण प्रगति जताई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और लोकहित को ध्यान में रखकर आज प्राधिकरण ने परियोजना से प्रभावित कुछ परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा भुगतान का कार्य पूरा कर लिया।

तत्काल चेक भुगतान और रजिस्ट्री की कार्रवाई
एमडीडीए ने बताया कि आढ़त बाजार की दाहिनी ओर स्थित दो परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम पर दर्ज करवा दी गई है। इसके साथ ही उन प्रभावितों को रजिस्ट्री के समय ही प्राधिकरण द्वारा लगभग 5 करोड़ रुपये के मुआवजा चेक मौके पर सौंपे गए। भुगतान स्थल पर ही चेक जारी करने का लक्ष्य पारदर्शिता और शीघ्रता सुनिश्चित करना बताया गया।
पहले चरण का वित्तीय लेखा-जोखा
पहले चरण में लगभग 80 प्रभावित परिसम्पत्तियों के रजिस्ट्री संबंधी व्यय के लिए प्रति रजिस्ट्री 25,000 रुपये की दर से कुल लगभग 20 लाख रुपये की राशि लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित की गई है। यह खर्च रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए आवंटित किया गया है।

परियोजना से मिलने वाले लाभ और आगे की योजना
एमडीडीए के नेतृत्व ने कहा कि यह परियोजना न केवल सड़क पर आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि बाजार क्षेत्र की रूपरेखा और सौंदर्यात्मक उपस्थिति में भी सुधार लाएगी। चौड़ीकरण के बाद फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग और क्षेत्रीय सौंदर्यीकरण की योजनाएँ लागू की जाएँगी, जिससे आसपास के इलाकों में यातायात के दबाव में कमी आयेगी और नागरिकों के लिए सुरक्षा व सुव्यवस्था बढ़ेगी।

पारदर्शिता व कानूनी प्रक्रिया पर ज़ोर
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्राधिकरण का लक्ष्य प्रभावितों को समय पर और निष्पक्ष मुआवजा उपलब्ध कराना है, ताकि सार्वजनिक निर्माण कार्यों के कारण किसी प्रकार की असुविधा न हो। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि रजिस्ट्री एवं मुआवजा संबंधी प्रक्रियाएँ पूरी तरह कानूनी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी रखी जा रही हैं तथा लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबद्ध विभागों के साथ समन्वय जारी है।
अगले चरण की रूपरेखा
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि शेष प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और भुगतान की बची हुई प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी की जाएगी। एमडीडीए का कहना है कि ये कदम शहर के संरचनात्मक विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं।

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