ब्लॉक क्षेत्र के मुंडाखेड़ा खुर्द गांव में बीते 14 से 17 नवंबर के दौरान साइबर ठगों ने दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया। ठगों ने खुद को बाल विकास विभाग का अधिकारी बताते हुए ग्रामीणों को फोन किया और सरकारी योजना के तहत 11-11 हजार रुपये मिलने का झांसा देकर उनसे बारकोड व ओटीपी हासिल कर लिए। इसके बाद उनके बैंक खातों से रकम उड़ाई गई।
ग्रामीण तसलीम के खाते से करीब 98 हजार रुपये गायब हुए, जबकि राहुल, निखिल, मोहित, शहनवाज, शाहरूख सहित लगभग 15 लोगों के खातों से 2 से 6 हजार रुपये तक की कटौती दर्ज की गई।
घटना सामने आने पर ग्रामीणों ने मामले की जानकारी ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान सहदेव सिंह ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को सावधान रहने की अपील की। साथ ही पूरे मामले की शिकायत साइबर सेल और कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई गई है।
बल विकास परियोजना अधिकारी सुधा त्रिपाठी ने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सुपरवाइजरों को नोट जारी कर सतर्क रहने और ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग किसी भी योजना का पंजीकरण फोन पर नहीं करता और ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी अंजान कॉल पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन पहले एसटीएफ ने पकड़ा था ऑनलाइन ठगी गैंग का बड़ा नेटवर्क
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले ही लक्सर पुलिस और एसटीएफ ने ऑनलाइन धोखाधड़ी में लिप्त एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच में पता चला कि आरोपियों के बैंक खातों में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है, जिसमें पाकिस्तान और सऊदी अरब से जुड़े कनेक्शन की भी जानकारी मिली है।



