अलीगढ़ में महिला सिपाही हेमलता की मौत को लेकर परिवार और रिश्तेदार गंभीर शंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि यह साधारण आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता, क्योंकि मौत से कुछ देर पहले उसके घर पर पुलिस स्टिकर लगी एक बाइक पहुंची थी। उसी युवक की मौजूदगी पर पूरे मोहल्ले में चर्चा है। वह कुछ देर रुककर वापस चला गया। परिजन चाहते हैं कि पुलिस यह स्पष्ट करे कि वह कौन था और क्यों आया था।
हेमलता के पिता कर्मवीर सिंह, रिश्तेदारों के साथ बन्नादेवी थाने पहुंचे और साफ कहा कि उनकी बेटी अत्यंत मजबूत और खुशमिजाज स्वभाव की थी। सुबह उनकी उससे बात भी हुई थी, जिसमें उसने बताया था कि छुट्टी पास हो गई है और वह रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने घर आने की तैयारी कर रही है। पिता के अनुसार बातचीत में ऐसा कुछ भी नहीं था जिससे लगा हो कि वह तनाव में है या कोई बड़ा कदम उठा सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी ने ऐसा कदम उठाया है, तो इसके पीछे कोई दबाव या मजबूरी होगी। इसलिए पुलिस को बिना किसी तथ्य छिपाए जांच कर सच सामने लाना चाहिए। परिवार ने घर के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग भी की है।

घर का ताला तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस
घटना के समय हेमलता घर पर अकेली थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने पहले एक जवान को बाउंड्री कूदकर अंदर भेजा। मुख्य कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद था, जिसे तोड़कर टीम ने प्रवेश किया। अंदर पहुंचने पर सिपाही को फंदे पर लटका हुआ पाया गया।
फोन पर बातचीत के दौरान अचानक हुई गायब
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले तक हेमलता को फोन पर टहलते हुए बात करते देखा गया था। वह 29 नवंबर की छुट्टी लेकर रिश्तेदारी में एक विवाह समारोह में शामिल होने की तैयारी में थी, जबकि 30 नवंबर को उसकी ड्यूटी पर लौटने की तिथि थी। बातचीत करते करते अचानक वह दिखना बंद हो गई।
साथी सिपाहियों में भी सदमा
घटना की जानकारी मिलते ही उसकी महिला सहकर्मी जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गईं। वे काफी देर तक वहीं मौजूद रहीं और वजहों को लेकर चर्चा करती रहीं।
परिवार जल्द ही करने वाला था शादी की बात पक्की
हेमलता के दो बड़े भाई बहनों की शादी हो चुकी है और परिवार उसकी शादी की तैयारियों पर भी विचार कर रहा था। वह खुद दोस्तों और सहकर्मियों से भी इस बारे में बात कर चुकी थी।
मामे ने कहा – हेमलता इतनी मजबूत थी कि हार मानने वाली नहीं थी
हाथरस से पहुंचे उसके मामा राजेंद्र सिंह ने कहा कि भांजी बेहद हंसमुख और दमदार स्वभाव की थी। कभी उसने किसी नाराजगी में बात तक बंद नहीं की थी। उन्हें यकीन है कि इस घटना में कोई न कोई छुपा पहलू जरूर है।
मौत से सिर्फ आधा घंटा पहले पिता से बात
पोस्टमार्टम हाउस में पिता कर्मवीर सिंह लगातार यही दोहराते रहे कि बेटी ने मौत से आधा घंटे पहले उनसे बात की थी और पूरे उत्साह से घर आने की बात कही थी। उनके मुताबिक बातचीत पूरी तरह सामान्य थी। उन्होंने पूछा भी था “सब ठीक है ना?” जिस पर उसने बिल्कुल शांत होकर “सब ठीक है” कहा था। पिता बोले—”अगर वह परेशान होती, तो तुरंत समझ आ जाता।”



