बंशीधर तिवारी का सख्त संदेश, सहसपुर में 125 बीघा अवैध प्लाटिंग पर एमडीडीए का बुलडोजर चला

देहरादून क्षेत्र में अनियोजित विकास के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहसपुर क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई लांघा रोड और होरावाला क्षेत्र में कुल 125 बीघा भूमि पर की गई, जहां बिना स्वीकृति के कॉलोनी […]

देहरादून क्षेत्र में अनियोजित विकास के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहसपुर क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई लांघा रोड और होरावाला क्षेत्र में कुल 125 बीघा भूमि पर की गई, जहां बिना स्वीकृति के कॉलोनी विकसित की जा रही थी।

एमडीडीए की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में सहसपुर के छरबा क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। होरावाला रोड, छरबा आईटीआई के पास लगभग 25 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को हटाया गया, जबकि लांघा रोड, छरबा सहसपुर क्षेत्र में करीब 100 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया।

कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई आंतरिक सड़कों, भूमि सीमांकन और प्लाटिंग के ढांचे को पूरी तरह तोड़ दिया गया। जांच में पाया गया कि दोनों स्थानों पर प्राधिकरण की अनुमति के बिना भूमि का विभाजन कर प्लाट बेचे जा रहे थे और कॉलोनी का स्वरूप तैयार किया जा रहा था।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल नियोजित शहरी विकास को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं के लिए भी गंभीर बाधा बनती हैं।

बंशीधर तिवारी ने यह भी साफ किया कि मसूरी और दून क्षेत्र में बिना स्वीकृति के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए की इस कार्रवाई को क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

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