उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऋषिकेश में आयोजित सरस आजीविका मेले 2025 में राज्य की ग्रामीण महिलाओं और उद्यमियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सीएलएफ (CLF) के लिए 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया और 10 अन्य सीएलएफ के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित गतिविधियों का शिलान्यास भी किया।
गांवों में जेईई-नीट की तैयारी: शुरू हुई “Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class”
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने CSR फंडिंग के तहत जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class का भी शुभारंभ किया।
अब राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं अपने गांवों में रहते हुए जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी निशुल्क कर सकेंगे।
“ग्रामोत्थान परियोजना” की सराहना – ग्राम्य विकास विभाग को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा चलाई जा रही ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ की भी प्रशंसा की और कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है।
सीएम धामी बोले – “सरस मेला ग्रामीण कौशल और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का मंच”
मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि सरस आजीविका मेला ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध परंपरा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यह मेला “आत्मनिर्भर भारत” और “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र को साकार करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं, तो यह सिर्फ एक वस्तु नहीं होती बल्कि हमारे ग्रामीण कारीगरों, मातृशक्ति और उद्यमियों के सपनों में निवेश होता है।”
महिला सशक्तिकरण योजनाओं से बदल रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
सीएम धामी ने बताया कि ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।
इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत महिला उद्यमियों ने 5.5 करोड़ रुपये का विपणन कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
साथ ही राज्य में लॉन्च किए गए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद अब वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
फार्म लाइवलीहुड और महिला किसान सशक्तिकरण योजना से नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 3 लाख से अधिक महिला किसान आत्मनिर्भर बन रही हैं।
अब तक 2.5 लाख किचन गार्डन, 500 फार्म मशीनरी बैंक, और 5 हजार महिला किसानों को ऑर्गेनिक खेती से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा —
“हमारी मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। ये महिलाएं सिर्फ अपने परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज को सशक्त बना रही हैं।”
68 हजार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 5 लाख महिलाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 68,000 स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से 5 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से जुड़ी हैं।
इसके साथ 7,500 ग्राम संगठन और 534 क्लस्टर स्तर संगठन भी ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश – “स्वदेशी अपनाएं, मातृशक्ति के सपनों में करें निवेश”
सीएम धामी ने जनता से आह्वान किया कि वे स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा —
“हर स्वदेशी उत्पाद खरीदना हमारे ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं के सपनों में निवेश है। आइए, ‘स्वदेशी अपनाओ अभियान’ को जन आंदोलन बनाएं।”
कार्यक्रम में शामिल रहे कई मंत्री और स्थानीय लोग
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, ग्रामीण उद्यमी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।



