सिस्टम : कोरोना काल में सीएमओ महोदया का  फरमान, “रात दस बजे के बाद फोन ना करें कर्मचारी, होगी कारवाई।”

प्रदीप भारतीय

टिहरी :  कोरोना यौद्धा हमारे स्वास्थ्य कर्मी दिन रात आपसी तालमेल से अपनी जान दांव पर लगा लगातार स्थिति सामान्य करने में जुटे हैं, ऐसे में एक गजब का मामला सामने आया है।

टिहरी जिले से जहाँ सीएमओ साहिबा को कर्मचारियों से तो बिना सवाल किये हर हाल में दिन रात आदेश के अनुसार काम चाहिए लेकिन तमाम जिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सीएमओ श्रीमती सुमन आर्य द्वारा बाकायदा लिखित रूप में फरमान जारी किया है कि उन्हें रात दस बजे के बाद फोन ना किया जाए।

यही नहीं ऐसा करने पर कर्मचारी आचरण नियमावली का हवाला दे सख्त कार्यवाही की भी चेतावनी दी गई है।

 

हालांकि इसमे लिखा है आपातकालीन स्थिति को छोड़कर, लेकिन यह आपातकालीन स्थिति तय कौन करेगा ?

 

कैसा तय होगा आपातकालीन का फार्मूला 

और वैसे भी जिस तरह मौजूदा समय में कर्मचारियों में सीएमओ का खौफ है, जरा जरा सी बात पर महामारी में मिले विशेष अधिकार का नाजायज उपयोग कर कोरोना काल में फ्रंट लाइन में जान जोखिम में डालने वाले एनआरएचएम कर्मचारियों को निकाला जा रहा है , और उसके उपर से यह  फरमान, ऐसे में कौन जोखिम उठायेगा !

 

आपातकालीन में भी फोन करने का, अब बेचारे कर्मचारी क्या कैसे तय,करें आपकी नजर में क्या आपातकालीन है क्या नहीं !
और यह फरमान भी ऐसे समय में जब देश में महामारी ऐक्ट लागू है।

कर्मचारी की सेवा समाप्ति से चर्चा मे

जानकारी के लिए बता दें कि टिहरी सीएमओ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुमन आर्य ने द्वारा कोरोना काल में चंबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात संविदा कर्मचारी माइक्रोस्कोपिस्ट अंजली सती के सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि अंजली की ड्यूटी जुलाई में नरेंद्रनगर अस्पताल में लगाई गई, लेकिन उन्होंने वहां सेवाएं नहीं दी।

इस संबंध में उन्हें कई बार बोला गया, लेकिन उन्होंने उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की। इसके चलते उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

 

इस संबंध में महिला कर्मचारी अंजली का कहना है कि उन्होंने कोरोना काल में पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी की, लेकिन जब उन्होंने अपने छोटे बच्चों और पति के डायबिटीज मरीज होने का हवाला देकर नरेंद्रनगर में तैनाती को लेकर परेशानी बताई तो मुख्य चिकित्साधिकारी ने उनकी नहीं सुनी।

जबकि, कोरोना काल में सीएचसी चंबा में उन्होंने दिन-रात ड्यूटी की है।

यही नहीं सीएमओ द्वारा हाल ही मे एक आशा कार्यकर्ती को भी आदेश ना मानने का हवाला दे निकाला गया है।

दोनों ही मामलों में अब राष्ट्रीय सवास्थ्य मिशन संगठन ने मोर्चा खोल रखा है।

संगठन अध्यक्ष श्री सुनील भंडारी ने इसे जन संवेदना को कुचलती तानाशाही बताया है तथा हल ना होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

 

जबकि इस पर सीएमओ महोदया का कहना है कि “कोरोना में सबको आदेशानुसार चलना पड़ेगा जहाँ भेजा जाए वहाँ डयूटी करनी पडेगी इसमें छोटे बच्चे, बीमार आदमी जैसा कोई बहाना नही चलेगा।”

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