देहरादून स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुई मारपीट और हंगामे की घटना अब गंभीर मोड़ ले चुकी है। प्रकरण में पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक शिकायत निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अजय कुमार नौड़ियाल की ओर से दी गई है, जबकि दूसरी एफआईआर विधायक उमेश शर्मा काऊ के गनर की तहरीर पर दर्ज की गई है। मामले में सामने आए वीडियो के आधार पर पुलिस उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
निदेशक अजय कुमार नौड़ियाल ने विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, हाथापाई करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। दूसरी ओर, विधायक के गनर कांस्टेबल सुशील रमोला ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए अज्ञात व्यक्तियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। इस आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया है।
शनिवार को निदेशक कक्ष में हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में कथित रूप से मारपीट और तोड़फोड़ के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में नजर आ रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही वीडियो में दिख रहे एक व्यक्ति का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जो हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उसकी संलिप्तता और भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि विधायक अपने समर्थकों के साथ एक विद्यालय के नाम परिवर्तन से संबंधित विषय को लेकर निदेशालय पहुंचे थे। इसी दौरान बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जो बाद में उग्र रूप ले बैठी। पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों पर विधिक कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पुलिस दोनों मुकदमों में साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है और वायरल वीडियो की तकनीकी पड़ताल भी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।



