रिपोर्ट: नीरज उत्तराखंडी
देहरादून, 16 मई 2026।
जब परिवार का मुखिया कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो, आय के सभी स्रोत बंद हो चुके हों, सिर पर बैंक का कर्ज हो और दो मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता हर पल सताती हो, तब जीवन किसी अंधेरी सुरंग जैसा प्रतीत होने लगता है। ऐसे ही कठिन दौर से गुजर रही रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की निवासी संध्या रमोला और उनके परिवार के लिए जिला प्रशासन देहरादून आशा की किरण बनकर सामने आया।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देशों को पूरी संवेदनशीलता के साथ लागू करते हुए जिलाधिकारी Savin Bansal के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस जरूरतमंद परिवार को बड़ी राहत प्रदान की। प्रशासन ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से परिवार पर बकाया 71 हजार रुपये का ऋण पूरी तरह जमा कराकर उन्हें ऋणमुक्त कराया, वहीं Rifle Club Dehradun मद से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित की गई।
कैंसर से जूझता परिवार, टूटती उम्मीदें
संध्या रमोला ने जिलाधिकारी से मिलकर बताया कि उनके पति गले के कैंसर से पीड़ित हैं और उनका उपचार Himalayan Hospital में चल रहा है। लगातार कीमोथेरेपी और बीमारी के कारण वे काम करने में असमर्थ हो गए हैं। परिवार की आर्थिक रीढ़ टूट चुकी थी।
परिवार में तीन और छह वर्ष की आयु के दो छोटे बच्चे हैं। इलाज, दवाइयों और घरेलू खर्चों ने आर्थिक स्थिति को अत्यंत दयनीय बना दिया। वर्ष 2024 में 45 हजार रुपये और 2025 में 37 हजार रुपये का बैंक ऋण स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार के लिए लिया गया था, लेकिन परिस्थितियों के कारण किश्तें जमा नहीं हो सकीं। बैंक की ओर से लगभग 71 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी होने और लगातार दबाव के चलते परिवार मानसिक तनाव में था।
जिलाधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उनके निर्देश पर CSR फंड से ऋण की संपूर्ण राशि सीधे बैंक खाते में जमा कराई गई और संबंधित बैंक को नो-ड्यूज प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, परिवार की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रायफल क्लब मद से 50 हजार रुपये की सहायता भी डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री की मंशा: कोई जरूरतमंद वंचित न रहे
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट मंशा है कि कोई भी पात्र, जरूरतमंद या संकटग्रस्त व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। यदि किसी कारणवश योजनाओं के लाभ तक पहुंच में अंतर रह जाता है, तो जिला प्रशासन अपनी ओर से उस कमी को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आकस्मिक संकट से जूझ रहे परिवारों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, दिव्यांगजनों, निराश्रित महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को विभिन्न माध्यमों से निरंतर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
संवेदनशील प्रशासन का प्रेरक उदाहरण
संध्या रमोला को मिली यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि यह उस मानवीय प्रशासनिक सोच का प्रमाण है जिसमें शासन और प्रशासन जरूरतमंद नागरिकों के साथ संवेदनशीलता से खड़े दिखाई देते हैं।
जिला प्रशासन देहरादून की यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि शासन की मंशा स्पष्ट हो और प्रशासनिक नेतृत्व संवेदनशील हो, तो सरकारी तंत्र वास्तव में संकटग्रस्त परिवारों के लिए सहारा बन सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनकल्याणकारी दृष्टिकोण और जिलाधिकारी सविन बंसल की तत्परता ने एक संघर्षरत परिवार को नया संबल और भविष्य के प्रति नई उम्मीद दी है।




