एक्शन : एटीएस कॉलोनी में दहशत फैलाने वाले बिल्डर पर डीएम का बड़ा एक्शन, गुंडा एक्ट में जिला बदर

देहरादून, 19 मई 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
जनसुरक्षा और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने एटीएस कॉलोनी में भय और आतंक का पर्याय बन चुके विवादित बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(3) के तहत पुनीत अग्रवाल को “गुण्डा” घोषित करते हुए छह माह के लिए जनपद देहरादून से जिला बदर कर दिया है।

डीआरडीओ वैज्ञानिक से मारपीट के बाद स्वतः संज्ञान

मामले की शुरुआत सहस्त्रधारा रोड स्थित एटीएस कॉलोनी के निवासियों और Defence Research and Development Organisation (डीआरडीओ) की वैज्ञानिक हेम शिखा सहित अन्य शिकायतकर्ताओं द्वारा 25 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के समक्ष दिए गए प्रार्थना पत्र से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 अप्रैल 2026 को बिल्डर पुनीत अग्रवाल ने डीआरडीओ में कार्यरत वैज्ञानिक के परिवार पर हमला किया, जिसमें पीड़ित का कान का पर्दा फट गया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ भी अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी दी गई।

इस प्रकरण में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका ने भी आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी।

गोपनीय जांच में सामने आई आपराधिक प्रवृत्ति

जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी मसूरी से गोपनीय जांच कराई। जांच में स्थानीय निवासियों ने बताया कि पुनीत अग्रवाल का व्यवहार लंबे समय से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का कारण बना हुआ था। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सामूहिक शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी न्यायालय ने पाया कि आरोपी आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।

पांच मुकदमे पहले से दर्ज

बिल्डर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। इनमें शामिल आरोप हैं—

  • डीआरडीओ वैज्ञानिक से मारपीट और उत्पीड़न
  • नशे में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से हाथापाई
  • बच्चों को गाली-गलौज और धमकाना
  • दीपावली पर नाबालिगों पर पिस्टल लहराना
  • वाहन से टक्कर मारने का प्रयास
  • विधवा महिला की भूमि पर कथित फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कब्जे का प्रयास

दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने की घटना के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुनीत अग्रवाल का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जब्त कराया था।

24 घंटे में जिला छोड़ने के आदेश

जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के अनुसार पुनीत अग्रवाल अगले छह माह तक बिना अनुमति देहरादून जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश के उल्लंघन पर कठोर कारावास और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। थाना रायपुर पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद की सीमा से बाहर किया जाए।

जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय बढ़ा है और महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों तथा आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कहा है कि कानून को हाथ में लेकर जनसुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Parvatjan Team
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