एक्सक्लूसिव: वन्यजीव तस्कर टैक्सी चालक को मारकर भागे।

कमल जगाती, नैनीताल

नैनीताल से लगे वन में संभावित वन व वन्यजीव तस्करों ने टैक्सी चालक को मारकर संदिग्ध सामान लेकर जंगल मे दौड़ लगा दी। टैक्सी स्वामी और साथियों के पहुंचने के बाद चालक को घायलावस्था में वापस लाया गया। डी.एफ.ओ.ने कहा कि वन क्षेत्र को रेड अलर्ट कर दिया गया है और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में हर चलती गाड़ी को चैक किया जाएगा।
नैनीताल के गेठिया नीवासी टैक्सी चालक आनंद सिंह नेगी को ग्यारह हजार रुपये में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जाने की बुकिंग मिली थी। उन्होंने दो युवकों को तल्लीताल से बैठाया जिन्होंने बताया कि उनके दो साथी किलबरी मार्ग में कुंजखडक से बैठेंगे, जिसके लिए चालक उनके साथ वहां पहुंचा।

युवकों ने विनायक से लगभग छह किलोमीटर आगे एक कलवट पर मौजूद दो युवकों को साथ बैठाया और दो बड़े बोरे और दो क्रिकेट के किट बैग गाड़ी में कलवट से निकालकर रखे। चालक लगभग चार किलोमीटर विनायक की तरफ आया और शक होने पर उसने वाहन स्वामी पदम देव जोशी को दोपहर 12:41 बजे इसकी सूचना दी। युवकों ने चालक आनंद का मोबाइल और गाड़ी की चाबी छीन ली। चालक आनंद ने बताया कि चार युवकों ने उसे जमकर पीटा और उसके सिर पर वार करके चाबी गाड़ी में फेंककर खाई की तरफ बैग लेकर उतर गए।
पदम देव जोशी ने बताया कि सूचना मिलते ही वो एक अन्य चालक के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए और जल्द ही घायल अवस्था में वापस लौट रहे आनंद से मिले। उन्होंने बताया कि गुरुवार सवेरे दो संदिग्ध लोग पार्किंग में वाहन किराए में लेने पहुँचे। उनके लिए यू.के.04 टी.0163 नम्बर की टैक्सी 11 हजार रुपये में सहारनपुर के लिए दी गई।

चालक के फोन करने के बाद वो समझ गए और तुरंत उसे मदद पहुंचाने के लिए निकल गए। आनंद और पदम ने शक जाहिर किया है कि किराए पर टैक्सी बुक कराने वाले वन्यजीव तस्कर हो सकते हैं, जो तेंदुए और ब्लैक हिमालयन भालू के बहुतायत वाले क्षेत्र में सक्रिय हैं। महज कुछ देर गाड़ी में उन बैगों को रखने के बाद अभीतक दुर्गंध आ रही है।

आनंद ने बताया कि वो इस घटना की सूचना लेकर पुलिस के पास गए जिन्होंने राजस्व क्षेत्र का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। अब उन संदिग्ध तस्करों के लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं जिससे स्वामी और चालक दोनों भयभीत हैं। इधर सौड नीवासी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि ये तस्कर मैपुल के पेड़ का एक हिस्सा लेने आते हैं जिससे महत्वपूर्ण मूर्तियों का निर्माण होता है।
डी.एफ.ओ.बीजू लाल टी.आर.ने बताया कि उन्हें मीडिया से इसकी जानकारी मिली है। सभी वन अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है। क्षेत्र में नजर तेज कर दी गई है और जानकारी मिलने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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