स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):-
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित गुरुनानक डिग्री कालेज के समीप, राज्य सरकार के मान्यता प्राप्त स्कूल को, स्कूल प्रबंधक का पक्ष सुने बगैर, अचानक जिला शिक्षाधिकारी द्वारा मान्यता रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका में आदेश को नियम विरुद्ध पाते हुए उसे निरस्त कर दिया है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने जिला शिक्षाधिकारी और स्कूल प्रबंधक से कहा है कि वो जिला शिक्षाधिकारी के नोटिस का दस दिन में जवाब दें।
मामले के अनुसार, रुद्रपुर के गुरुनानक डिग्री कालेज के पास डिजिटल वर्ल्ड नामक स्कूल संचालित है। इसके आसपास कई अन्य स्कूल भी हैं। इस स्कूल में क्लास एक से पांच तक 390 बच्चे पढ़ते है। स्कूल को चलाने के लिए 2025 में राज्य सरकार ने मान्यता दी थी।
बीती 6 मई को जिला शिक्षाधिकारी ने स्कूल का निरीक्षण कर कहा कि स्कूल मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा है। इसपर आप दो दिन के भीतर अपनी प्रतिक्रिया दें। समय पर उसका उत्तर नहीं दिये जाने पर उन्होंने 12 मई को स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश जारी कर दिये। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने न्यायालय की शरण ली है।
उनका पक्ष सुने बिना आनन फानन में एक सप्ताह में मान्यता रद्द कर दी गयी। जबकि अभी शैक्षणिक सत्र चल रहा है। अगर मान्यता रद्द करनी ही थी तो उनका पक्ष सुना होता। यह भी तब जब नया शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ हो रहा हो। अभी उनके स्कूल में 390 बच्चे पढ़ रहे हैं जिन्हें कौन सा स्कूल एडमिशन देगा ? इस आदेश से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र सहित उनके अभिभावक परेशान हैं। इसलिए इस आदेश को निरस्त किया जाय।




