पहाड़ों की हकीकत

सीएम से नाराज ग्रामीणों का आज चक्काजाम स्थगित। स्कूल वैन हादसे मे लौटा चुके हैं चेक।

सीएम से नाराज ग्रामीणों का आज चक्का जाम स्थगित। प्रशासन से वार्ता का आया है बुलावा। कंगसाली हादसे में मुआवजे से भी किया था। इंकार
टिहरी प्रताप नगर के कंगसाली गांव में हुई स्कूल वैन दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को दूर करने की मांग करने वाले ग्रामीणों का आज 10:30 बजे से टिपरी में अनिश्चितकालीन चक्का जाम था, जिसे प्रशासन की वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने उच्च स्तरीय वार्ता के बुलावा भेजा है और फिलहाल पीड़ित परिवार टिहरी प्रशासन से मिलने जा रहे हैं।
 गौरतलब है कि घटना के 6 दिन बाद क्षेत्र में आए मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को जब  कोई आश्वासन नहीं दिया तो ग्रामीण उग्र हो गए थे और उन्होंने मुआवजा लेने से भी इनकार कर दिया था।
टिहरी मे स्कूल वैन दुर्घटना से पीड़ित कंगसाली गांव का दौरा किया था, जहां मुख्यमंत्री को ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा था।
जनता का यह भी आक्रोश है कि मुख्यमंत्री ने टिहरी से सौतेला व्यवहार क्यों किया ? जब धुमाकोट में घटना हुई तो 24 घंटो में कम घटना स्थल पर पहुच गए थे और उचित मुआवजा दिया लेकिन टिहरी पहुचने पर 6 दिन लग गए।
वैन दुर्घटना में घायल हुए बच्चो के लिए जब सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि घायल बच्चों का उपचार मुफ्त में किया जाएगा तो ऐम्स ऋषिकेश में उन बच्चों के परिजनों से दवाइयां बाहर से क्यों मंगवाई जा रही है
यह था पूरा मामला
  ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को खूब खरी-खोटी सुनाई, मुख्यमंत्री मृत बच्चों के परिवारजनों को एक-एक लाख की मदद के चेक दे रहे थे लेकिन मृत बच्चो के परिजनों ने लेने से इंकार कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने छह सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को दिया लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया।
मुख्यमंत्री के जाने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गये ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उस स्थान पर नहीं गए जहां पर दुर्घटना हुई मुख्यमंत्री सिर्फ आधे घंटे में कार्यक्रम को इतिश्री कर वापस लौट गए आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की ग्रामीणों ने तय किया कि 13 अगस्त को विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा हादसे से लोग अब तक उबर भी नहीं पाए थे,हादसे के कई दिनों बाद मुख्यमंत्री को बच्चों की याद आई लेकिन कार्यक्रम में खानापूर्ति कर लौट आए परिवारजनों ने जब एक – एक लाख के चेक लेने से इनकार किया तो परिवारजनों के चेक लौटाने से ऐसा लगा कि हर चीज पैसों की पूर्ति से नहीं होती इसलिए मासूम बच्चों के परिजनों ने 1-1 लाख की उतनी आवश्यकता नहीं है हालांकि परिजनों को अच्छे संसाधन स्कूल, सड़क, स्वास्थ्य व्यवस्था,की आवश्यकता है। इंसानियत की कोई कीमत नहीं होती है शायद इसलिए मृत बच्चों  के परिजनों ने चेक वापस लौटाए थे।

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