नैनीताल (कमल जगाती): उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस भवन में बुधवार रात भीषण आग लग गई। इस आग से आसपास के घरों और दुकानों को बड़ा खतरा पैदा हो गया। घटना में भवन स्वामिनी शांता रावत की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
रात 9:27 बजे लगी आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत बुधवार रात करीब 9:27 बजे हुई। लकड़ी से बने इस पुराने भवन में आग धीरे-धीरे फैलते हुए अचानक भयानक रूप ले गई। इस दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दमकल विभाग की देरी
आग की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई, लेकिन आरोप है कि विभाग ने घटना के लगभग एक घंटे बाद मोर्चा संभाला। इस बीच स्थानीय लोग बाल्टियों, पाइप और दुकानों के फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने की कोशिश करते रहे। लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
शांता रावत का शव बरामद
आग लगने के बाद मौके पर एन.डी.आर.एफ. और एस.डी.आर.एफ. की टीमें पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भवन स्वामिनी शांता रावत का शव बरामद किया गया। टीम ने जलते भवन से प्रज्वलनशील सिलेंडरों को भी बाहर निकाला। ए.डी.एम. ने घटना में एक मौत होने की पुष्टि की है।
आग पर 2:15 बजे काबू पाया गया
आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने के लिए भीमताल, हल्द्वानी, रामनगर और अल्मोड़ा से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। पोस्ट ऑफिस मार्ग पर लगे हाइड्रेंट से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। आखिरकार रात करीब 2:15 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर आई.जी. रिद्धिम अग्रवाल, एस.एस.पी. प्रह्लाद नारायण मीना, ए.डी.एम. शैलेन्द्र सिंह नेगी, एस.डी.एम. नवाज़िश ख़लिक समेत कई उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
बाजार में अफरा-तफरी
बीच बाजार में बने इस भवन में आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल हो गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और अपनी तरफ से आग बुझाने में मदद की। हालांकि, आग से भवन को भारी नुकसान हुआ है।



