भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ग्राहकों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। अब बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) किसी ग्राहक को आर्थिक नुकसान की भरपाई के रूप में अधिकतम ₹30 लाख तक का मुआवजा देने का अधिकार रखेगा।
यह फैसला RBI की लोकपाल व्यवस्था को मजबूत करने और ग्राहक संतुष्टि बढ़ाने की पहल के तहत लिया गया है।
बैंक की गलती पर अब ₹30 लाख तक का मुआवजा
RBI ने अपने नए प्रस्ताव में कहा है कि अगर किसी बैंक की गलती, लापरवाही या गलत व्यवहार से ग्राहक को आर्थिक नुकसान होता है, तो वह बैंकिंग लोकपाल के माध्यम से ₹30 लाख तक का मुआवजा प्राप्त कर सकता है।
इतना ही नहीं, अगर ग्राहक को शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में मानसिक तनाव, असुविधा या समय की हानि हुई है, तो इसके लिए अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये तक का मुआवजा देने का भी प्रावधान किया गया है।
1 नवंबर 2025 से सहकारी बैंक भी आएंगे दायरे में
आरबीआई ने बताया कि 1 नवंबर 2025 से राज्य सहकारी बैंक (State Cooperative Banks) और केंद्रीय सहकारी बैंक (Central Cooperative Banks) के ग्राहक भी अपनी शिकायतें सीधे बैंकिंग ओम्बड्समैन (Banking Ombudsman) के समक्ष दर्ज करा सकेंगे।
इस बदलाव के बाद देशभर के अधिकतर बैंकिंग संस्थान RBI के ओम्बड्समैन सिस्टम के अधीन आ जाएंगे।
शिकायत का जवाब नहीं मिला तो 30 दिन बाद सीधे RBI से संपर्क
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई ग्राहक बैंक में शिकायत दर्ज कराने के 30 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं पाता, तो वह अपनी शिकायत सीधे RBI के ओम्बड्समैन प्लेटफॉर्म (https://cms.rbi.org.in) पर दर्ज करा सकता है।
इससे ग्राहकों को लंबी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी और बैंकों की जवाबदेही (Accountability) भी बढ़ेगी।
ग्राहकों के अधिकार होंगे और मजबूत
केंद्रीय बैंक का मानना है कि यह नया नियम न केवल ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा करेगा, बल्कि बैंकों को भी अपने कस्टमर सर्विस मैकेनिज्म को और पारदर्शी बनाना पड़ेगा।
आरबीआई के अनुसार, इस व्यवस्था से ग्राहक सेवा की गुणवत्ता (Customer Service Quality) में बड़ा सुधार आएगा और वित्तीय क्षेत्र में भरोसा मजबूत होगा।
क्यों जरूरी है यह बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में ग्राहक शिकायतों और बैंकिंग विवादों में तेजी से इजाफा हुआ है। खासकर ऑनलाइन बैंकिंग, फर्जी लेनदेन और टेक्निकल एरर के मामलों में उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है।
RBI का यह कदम ऐसे मामलों में तेज, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ग्राहकों के लिए राहत की बातें
- बैंक की गलती से नुकसान हुआ तो ₹30 लाख तक मुआवजा
- मानसिक परेशानी या समय की बर्बादी पर ₹3 लाख तक मुआवजा
- सहकारी बैंकों के ग्राहक भी अब शिकायत दर्ज कर सकेंगे
- 30 दिन में जवाब न मिलने पर सीधे RBI से संपर्क
- बैंकिंग सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगा।



