पुरोला, 18 मई 2026। नीरज उत्तराखंडी
पुरोला-चंदेली सिंचाई नहर में सड़क कटिंग का मलबा डंप किए जाने से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। धान की रोपाई और पौध सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में नहर के क्षतिग्रस्त हो जाने से पुजेली, चंदेली, चक चंदेली, खलाड़ी सहित कई गांवों के किसानों की खेती प्रभावित हो रही है।
इससे नाराज ग्रामीणों ने रविवार को डंपिंग स्थल पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को 24 घंटे के भीतर नहर की सफाई एवं मलबा हटाने का कार्य शुरू करने की चेतावनी दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान निकाले गए भारी मात्रा में मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में डालने के बजाय सीधे पुरोला-चंदेली सिंचाई नहर में फेंक दिया गया।
इससे नहर कई स्थानों पर दब गई है तथा उसकी संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है। परिणामस्वरूप खेतों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है और किसानों के सामने धान की रोपाई एवं पौध सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने बताया कि यह समय कृषि कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि समय पर खेतों को पानी नहीं मिला तो धान की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। इससे किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्थानीय प्रशासन, सिंचाई विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी से तत्काल नहर की सफाई, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो वे तहसील मुख्यालय पुरोला में व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राजस्व उपनिरीक्षक को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच स्वयं उनके द्वारा की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विरोध प्रदर्शन में ग्राम प्रधान चंदेली श्यालिक राम के नेतृत्व में प्रदीप, गोविंद राम, कुंदन सिंह सजवाण, भरत सिंह असवाल, रविंद्र सिंह सजवाण, राजेंद्र सजवाण तथा सुनील रावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं किसान मौजूद रहे।




