एक्शन: मेडिकल स्टोर्स पर FDA की छापेमारी। कफ सिरप के नमूने भेजे लैब 

Rudraprayag News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश पर प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर रुद्रप्रयाग जिले में मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई की गई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग की टीम ने रविवार को कई मेडिकल स्टोर्स पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान कई कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के बाद बढ़ी सख्ती

राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवा के सेवन से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में कफ सिरप की जांच और नियंत्रण अभियान शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, FDA डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि —

“बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। किसी भी दोषपूर्ण या हानिकारक दवा को बाजार में नहीं रहने दिया जाएगा।”

रुद्रप्रयाग में मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी अभियान

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षक अमित आजाद ने रुद्रप्रयाग शहर के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पांच कफ सिरप के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि —

“पांच वर्ष तक के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या बुखार की दवा डॉक्टर की लिखित सलाह के बिना नहीं दी जानी चाहिए।”

डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं दी जा सकेगी बच्चों को खांसी की दवा

भारत सरकार की नई एडवाइजरी के अनुसार,

  • दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की कफ सिरप या सर्दी-जुकाम की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं दी जाएगी।
  • पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग अनुशंसित नहीं है।
  • केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक, और सीमित अवधि के लिए ही इन दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

सरकार ने विशेष रूप से निम्न कफ सिरप तत्वों को चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया है:

  • Dextromethorphan (डेक्सट्रोमेथोर्फन) युक्त सिरप
  • Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride (क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट + फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड) संयोजन वाली दवाएं

मेडिकल संचालकों को दी गई चेतावनी

औषधि निरीक्षक अमित कुमार आजाद ने कहा कि सभी मेडिकल स्टोर्स संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे डॉक्टर की पर्ची के बिना बच्चों को कोई भी कफ सिरप न दें।
यदि किसी स्टोर में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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