सचिव पंकज पांडे ने दिखाई सख्ती, जांच रिपोर्ट के बाद दो अधिकारियों को किया निलंबित

लोक निर्माण विभाग में गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने रानीखेत डिवीजन के दो अधिकारियों पर कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में प्रभारी अधिशासी अभियंता बिजेंद्र सिंह मेहरा और सहायक अभियंता के.के. पांडेय शामिल हैं।

सचिव ने जारी किए निलंबन आदेश

शुक्रवार को विभागीय सचिव डॉ. पंकज पांडे ने दोनों अधिकारियों को पद से हटाने के निर्देश जारी किए। आदेशों के अनुसार, उन्हें रानीखेत डिवीजन से हटाकर मुख्य अभियंता, अल्मोड़ा के क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

जांच में सामने आई कई खामियां

यह कार्रवाई विभाग के प्रमुख अभियंता की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट पर आधारित है। रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं दर्ज की गईं, जिनमें—

  • अल्मोड़ा क्षेत्र में कई प्रस्तावित सड़क सुधार कार्य अधूरे पाए गए।
  • पैच रिपेयर प्लान वास्तविक आवश्यकता के अनुसार अपडेट नहीं किया गया।
  • कार्ययोजनाओं में जरूरी संशोधन समय पर नहीं किए गए।
  • विभागीय रिकॉर्ड में अपूर्ण और त्रुटिपूर्ण जानकारी भेजी गई।
  • जांच में यह भी पाया गया कि दोनों अधिकारियों ने न सिर्फ अपने स्तर पर गंभीर चूक की, बल्कि योजनाओं की प्रगति को अपडेट करने में भी बेहद लापरवाही बरती।

सड़क मरम्मत में देरी पर सरकार सख्त

प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और रखरखाव को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे में सरकार ने विभाग की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। निलंबन को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

आगे और कार्रवाई की संभावना

सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रकरण पर निगरानी रखी जा रही है और जांच के आधार पर भविष्य में और भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, संबंधित क्षेत्र के अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है।

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