सर्जिकल मास्टरस्ट्रोक : डॉक्टरों ने 20 वर्षीय युवती के पेट से निकाली 13 किलो की विशाल गांठ

देहरादून, 06 अक्टूबर 2025। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून के सर्जरी विभाग ने चिकित्सा जगत में एक अद्भुत सफलता हासिल की है। डॉक्टरों की कुशलता और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए अस्पताल की टीम ने 20 वर्षीय युवती के पेट से 13 किलो 200 ग्राम वजनी विशाल गांठ (Ovarian Large Tumor) को सफलतापूर्वक निकालकर नया मेडिकल रिकॉर्ड बना दिया।

अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने इस असाधारण सफलता पर सर्जरी विभाग की पूरी टीम को बधाई दी और इसे ‘सर्जिकल मास्टरस्ट्रोक’ करार दिया।

चार घंटे चली जीवनरक्षक सर्जरी

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. जे.पी. शर्मा और उनकी टीम ने करीब चार घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मरीज को लंबे समय तक इस गांठ की जानकारी नहीं थी और वह सामान्य जीवन जी रही थी। कुछ समय पहले उसे अचानक तेज पेट दर्द हुआ, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि युवती के पेट में 13 किलो से अधिक वजनी असामान्य गांठ है, जो शरीर के कई जरूरी अंगों पर दबाव डाल रही थी। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक थी, क्योंकि गांठ कभी भी फट सकती थी और जानलेवा साबित हो सकती थी।

 डॉक्टरों की टीम ने किया कमाल

डाॅ. शर्मा ने परिजनों को स्थिति की गंभीरता समझाते हुए तत्काल सर्जरी की सलाह दी।
करीब चार घंटे तक चली सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने बड़ी सावधानी से युवती के पेट से 13 किलो 200 ग्राम की विशाल गांठ को सफलतापूर्वक हटा दिया।

इस ऑपरेशन को सर्जन डाॅ. जे.पी. शर्मा के नेतृत्व में टीम के डाॅ. पुनीत त्यागी, डाॅ. दिपांकर नयाल, डाॅ. पुष्किन पोखरियाल, और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डाॅ. नेहा ने सफल बनाया।

 मरीज पूरी तरह स्वस्थ, अस्पताल से मिली छुट्टी

सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
डॉक्टरों ने बताया कि समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी से बड़ी बीमारियों पर भी विजय पाई जा सकती है।
यह सफलता श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमवर्क का प्रमाण है।

 चिकित्सा जगत में नई मिसाल

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने एक बार फिर साबित किया है कि उत्तराखंड में भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यह उपलब्धि न केवल अस्पताल की दक्षता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही समय पर जांच और निर्णय जीवन को बचा सकते हैं।

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