देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में छिपकर रह रहा एक कथित सेक्सटॉर्शन नेटवर्क का मास्टरमाइंड आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
उत्तराखंड एसटीएफ और गोवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी सलमान खान को नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले तीन साल से फरार चल रहा था और कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार,आरोपी केवल एक साधारण ब्लैकमेलिंग गैंग का हिस्सा नहीं था, बल्कि वह एक संगठित हनीट्रैप नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था, जिसका निशाना बड़े कारोबारी और हाई-प्रोफाइल लोग होते थे।
महिलाओं के जरिए बिछाया जाता था जाल
मिली जानकारी के अनुसार , गैंग पहले सोशल मीडिया और निजी संपर्कों के जरिए अमीर कारोबारियों को टारगेट करता था। इसके बाद महिलाओं की मदद से उन्हें निजी मुलाकात के लिए बुलाया जाता था। पूरा सेटअप पहले से तैयार होता था, जहां कमरे और विला में गुप्त कैमरे लगाए जाते थे।
एक बार व्यक्ति जाल में फंस जाता, तो गैंग के सदस्य खुद को केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर धमकाना शुरू कर देते थे।
“दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो” का फर्जी डर दिखाकर उगाही
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथी खुद को “दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो” का अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराते थे। अश्लील वीडियो वायरल करने, गिरफ्तारी कराने और बदनामी फैलाने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
गोवा पुलिस की जांच में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें मुंबई के एक कारोबारी को गोवा के मापुसा इलाके के एक विला में बुलाया गया था। वहां कथित तौर पर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया और बाद में उसे ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठे गए।
घटना के बाद गैंग के कई सदस्य गिरफ्तार हो गए थे, लेकिन मुख्य आरोपी सलमान खान लगातार फरार था। जांच एजेंसियों को इनपुट मिला कि वह देहरादून में पहचान छिपाकर रह रहा है। इसके बाद STF और गोवा पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच शुरू
एसटीएफ अब आरोपी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि क्या यह गैंग अन्य राज्यों में भी इसी तरह के सेक्सटॉर्शन और ब्लैकमेलिंग मामलों में शामिल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और नाम सामने आ सकते हैं।
उत्तराखंड एसटीएफ ने साफ कहा है कि प्रदेश को अपराधियों की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। किसी भी अंतरराज्यीय अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




