खुलासा : सीएम के झूठ का खुलासा। तीन शराब फैक्ट्री एक ही को। हरदा से चार कदम आगे त्रिवेंद्र

शराब पर सरकार के दावे निकले झूठे। पकड़ा गया झूठ 

हिलटाप, हाईलैंड, रत्नाागिरी, नॉटी बॉय, जैक एंड जिल, महाराजा, बिग-5, के कई ब्राण्ड उत्तराखंड की मार्केट में उतरने को तैयार
कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत में कहा था कि स्थानीय डाल फ्रुट का इस्तेमाल होगा, लेकिन ये तो खेल ही कुछ और निकला।
सीएम ने कहा था कि ये सब पुरानी सरकार का किया हुआ काट रहे हैं, लेकिन ये भी झूठ निकला।
आइए आपको बताए शराब की कहानी। कहा जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को डेनिस शराब ले डूबी। हो भी क्यूे न, आखिर देवभूमि जो ठहरी। देवताओं को धरती पर सुरापान की दुकान लगाओगे तो भुगतना तो पड़ेगा ही। आखिर डेनिस के पीछे कौन था, ये सवाल उस समय भी हवा में लहराता रहा, लेकिन इसका सिरा किसी के हाथ नहीं आया।
अब आते हैं इस सवाल पर कि क्या सारी शराब की फैक्टरी लगाने की अनुमति हरीश रावत दे गए थे? चलती गंगा में त्रिवेंद्र रावत ने हाथ नहीं धोए? क्या वही लोग आज लगने वाली शराब फैक्ट्रीज़ के पीछे नहीं है, जो डेनिस के पीछे थे?
कुछ सवाल इस प्रकार से हैं:-
1. देवप्रयाग में लगने वाली शराब फैक्टरी हाईलैंड बाटलर्ज को 2 मई 2018 को सिंगल विंडो अनुमति किसने दी?
2. किवी डिम बाटलजऱ् को हरिद्वार में शराब की फैक्टरी लगने की 9-01-2019 को सिंगल विंडो अनुमति किसने दी?
3. सार्थक ब्लेंडर्ज को हरिद्वार में शराब फैक्टरी लगने की अनुमति 08-05-2019 किसने दी?
4. दून डिस्टिलजऱ् यानी रामेश्वर हवेलिया की कम्पनी के ईमेल ऐड्रेस [email protected] का इस्तेमाल हाईलैंड बाटलजऱ् देवप्रयाग के पत्राचार माध्यम में क्यूँ इस्तेमाल हुआ?
5. रामेश्वर हवेलिया की कम्पनी की वेबसाइट जो कि इंटरनेशनल अट्रैक्शन के लिए बनी है, उस पर हरिद्वार की दोनो शराब फ़ैक्टरी और देवप्रयाग की हाईलैंड को अपने अप्कमिंग प्राजेक्ट्स क्यों दिखाए गए हैं?
6. ऐसा तो नहीं कि इन सबके पीछे वही सब लोग हंै जो डेनिस के पीछे थे।
7. आखिर रामेश्वर हवेलिया से कैसे जुड़े हंै तीनों शराब फैक्टरी के तार?
सारे सबूत यही कह रहे हंै कि एक ही आदमी को जो उत्तराखंड का सबसे बड़ा शराब व्यापारी है, तीनों शराब फैक्टरी की अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम से दे दी गई।
राजनेताओं ने मिलकर खेल डाला शराब का खेल। आखिर क्यों झूठ बोला सीएम ने कि उन्होंने किसी शराब फैक्टरी को लाइसेंस नहीं दिया?
आखिर क्यों झूठ बोला कि स्थानीय फल-फ्रुट का इस्तेमाल होगा, जबकि ये सब कम्पनी सिर्फ बाटलिंग करेंगी बाहर से माल लाकर और स्थानीय बाजार में बेचेंगी। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत दिए गए सभी लाभ उठाएंगे और अधिकतर टैक्स बचाएंगे।

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