देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश अब पर्यटन गतिविधियों पर भी गहरा असर डाल रही है। इसी कड़ी में विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Jim Corbett Tiger Reserve) प्रशासन ने बड़ी सावधानी बरतते हुए डे सफारी को अगले आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया है।
बारिश से पार्क को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक हाल की बरसात में ही रिजर्व को सवा करोड़ रुपये से अधिक की क्षति पहुंची है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सफारी बंद
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर साकेत बडोला ने बताया कि इस समय पार्क के गर्जिया पर्यटन जोन, ढेला पर्यटन जोन और झिरना पर्यटन जोन में डे सफारी चलाई जा रही थी। जहां पर्यटक सुबह और शाम की पाली में जंगल सफारी का आनंद ले रहे थे। लेकिन लगातार बारिश और प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल सफारी रोक दी गई है।
बारिश से सफारी संचालन पर रोक
बडोला ने बताया कि बुधवार को भी जिला प्रशासन ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, जिसके चलते सुबह की पाली में सफारी का संचालन नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति बेहद अनिश्चित और जोखिम भरी है। ऐसे में पर्यटकों और वाहनों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। जैसे ही मौसम में सुधार होगा और हालात सामान्य होंगे, सफारी संचालन बहाल किया जाएगा।
पर्यटकों और पर्यटन कारोबार पर असर
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। सफारी के दौरान पर्यटक बाघ, हाथी, गुलदार और कई दुर्लभ वन्यजीवों को देखने का अनुभव करते हैं। मगर बारिश के मौसम में जंगल की पगडंडियां फिसलन भरी हो जाती हैं और नदी-नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं, जिससे पर्यटकों और सफारी वाहनों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
सफारी बंद होने का सीधा असर पर्यटन कारोबार से जुड़े गाइड, जीप संचालक, होटल और रिसॉर्ट मालिकों पर पड़ रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों और कारोबारियों का कहना है कि सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं है, इसलिए प्रशासन का यह निर्णय सही है।



