बड़ी खबर: उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक में 7 करोड़ का ऋण घोटाला। चार पूर्व अधिकारियों समेत छह पर FIR

देहरादून/अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की खत्याड़ी स्थित अल्मोड़ा शाखा में ऋण स्वीकृति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर चार तत्कालीन अधिकारियों और एक निजी कंपनी के दो निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि बैंक प्रबंधन समिति की मंजूरी […]

देहरादून/अल्मोड़ा: उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की खत्याड़ी स्थित अल्मोड़ा शाखा में ऋण स्वीकृति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है।

बैंक प्रबंधन की शिकायत पर चार तत्कालीन अधिकारियों और एक निजी कंपनी के दो निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

आरोप है कि बैंक प्रबंधन समिति की मंजूरी के विपरीत ऋण सीमा बढ़ाई गई, कम मूल्य की जमानत स्वीकार की गई और ऋण से जुड़े दस्तावेजों में कथित कूटरचना एवं हेराफेरी की गई।

इन अधिकारियों और निदेशकों पर दर्ज हुई FIR

अल्मोड़ा शाखा के बैंक प्रबंधक समीर भटनागर की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में निम्न लोगों को नामजद किया गया है—

  • तत्कालीन प्रबंध निदेशक दीपक कुमार
  • तत्कालीन महाप्रबंधक धर्मवीर सिंह
  • सहायक महाप्रबंधक कर्ण सिंह बिष्ट
  • तत्कालीन शाखा प्रबंधक मनोज राणा
  • निजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आनंद सिंह चौहान
  • कंपनी की निदेशक सुनीता चौहान

2 करोड़ की मंजूरी, 7 करोड़ का ऋण जारी करने का आरोप

बैंक की शिकायत के अनुसार, 3 मई 2017 को आयोजित बैंक प्रबंधन समिति की बैठक में निजी प्राइवेट लिमिटेड की 2 करोड़ रुपये की कैश-क्रेडिट ऋण सीमा के नवीनीकरण को मंजूरी दी गई थी।

आरोप है कि समिति के निर्णय के विपरीत ऋण स्वीकृति पत्र संख्या 304 जारी कर स्वीकृत ऋण सीमा को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया।

जांच में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं

बैंक प्रबंधन के अनुसार, मामले की आंतरिक जांच, विधिक राय (Legal Opinion), लीगल ऑडिट और उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

जांच में पाया गया कि—

  • ऋण के बदले रखी गई इक्विटेबल मॉर्टगेज संपत्ति निर्धारित बैंकिंग मानकों के अनुरूप नहीं थी।
  • कोलेटरल सिक्योरिटी में भी नियमों का पालन नहीं किया गया।
  • ऋण से जुड़े दस्तावेजों के प्रलेखन में कथित फर्जीवाड़ा और कूटरचना के संकेत मिले हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

बैंक ने पत्र संख्या 1691 के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कंपनी के निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, दस्तावेजों की सत्यता, बैंक अधिकारियों की भूमिका और संबंधित कंपनी के निदेशकों की संलिप्तता की विस्तृत जांच की जाएगी।

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