कंगाली में कंकाल

आर्थिक संकट से जूझ रही उत्तराखंड सरकार ने कुछ दिन पहले मूलभूत आवश्यकताओं के लिए १२०० करोड़ रुपए का कर्ज लिया। ताकि दिवाली से पहले सभी को वेतन के साथ-साथ बोनस का भी तोहफा दिया जा सके। इस बीच केदारनाथ यात्रा रूट पर नर कंकालों के मिलने से सरकार का हिटो केदार का जोरदार नारा कुछ हल्का पड़ गया। सुरक्षित यात्रा का संदेश देने के लिए हिटो केदार अभियान के बीच मिले तकरीबन चार दर्जन नर कंकालों ने सुरक्षित केदार के रास्ते में ‘खामखांÓ की अड़चन डाल दी। अब सरकार सुरक्षित केदार का संदेश दे कि पहले इन कंकालों से निपटे। कंकालों से निपटे भी तो सोशल मीडिया वाले गला फाड़-फाड़कर चिल्लाने लग गए हैं, जैसे हरीश रावत ने ही तीर्थयात्रियों को मारा हो। विपक्ष और मीडिया के द्वारा मचाए गए हल्ले का जवाब देते-देते हरदा खुद परेशान हो गए हैं और उन्होंने तत्काल इन कंकालों का अंतिम संस्कार कर आगे की यात्रा बढ़ाने का निर्णय लिया है। कंगाली में कंकालों के मिलने से सरकार असहज भी हो गई है।

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