विधायक और समर्थकों के खिलाफ शिक्षा निदेशक नौडियाल पहुंचे थाने। जानिए विधायक काऊ ने क्या कहा

राज्य शिक्षा निदेशालय में शनिवार सुबह घटित घटनाक्रम ने प्रशासनिक गरिमा, कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के साथ कथित मारपीट के मामले में एक तरफ विधायक और उनके समर्थकों के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दी गई है, वहीं दूसरी ओर विधायक ने पूरे विवाद के लिए निदेशक और प्रदर्शनरत शिक्षक संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है। घटनास्थल पर पहुंची मीडिया टीम ने विभिन्न पक्षों से बात कर मामले की पड़ताल की।

 

कैसे बढ़ा विवाद

 

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह भाजपा विधायक Umesh Sharma Kau अपने समर्थकों के साथ निदेशालय पहुंचे और निदेशक के कक्ष में गए। एक विद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर चर्चा शुरू हुई। प्रारंभिक स्तर पर बातचीत तीखी बहस में बदली और देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। आरोप है कि मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया, जिससे परिसर में अफरातफरी फैल गई और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान हुआ।

 

निदेशक कार्यालय में हंगामा

 

जब मीडिया टीम निदेशक कक्ष में पहुंची तो वहां के दृश्य घटना की गंभीरता को दर्शा रहे थे। घटना के समय कमरे में संविधान निर्माता B. R. Ambedkar की प्रतिमा के सामने कथित हंगामा हुआ। वहीं कक्ष में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, प्रधानमंत्री Narendra Modi, राज्यपाल और राष्ट्रपति की तस्वीरें भी लगी थीं। बावजूद इसके माहौल में तनाव कम नहीं हुआ और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।

 

शिकायत और गंभीर आरोप

 

घटना के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशक की ओर से विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी गई। शिकायत में अभद्र व्यवहार, हाथापाई और तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए हैं। कुछ सामने आए वीडियो और दृश्य सामग्री में विधायक के साथ कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की मौजूदगी और तोड़फोड़ के दृश्य दिखाई देने की बात भी सामने आई है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

 

विधायक का पक्ष

 

विधायक Umesh Sharma Kau ने खुद को निर्दोष बताते हुए उल्टा निदेशक पर ही अभद्रता और उकसावे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके साथ कोई अनुचित व्यवहार नहीं हुआ, बल्कि निदेशक ने माहौल को भड़काया। विधायक का यह भी दावा है कि कार्यालय में मौजूद भीड़ को निदेशक ने ही बुलाया था और वही लोग तोड़फोड़ और मारपीट के लिए जिम्मेदार थे।

 

उन्होंने धरना दे रहे शिक्षक संगठनों पर भी राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया और कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोग कांग्रेस से जुड़े हैं। विधायक ने शिक्षक संगठनों की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके आधिकारिक चुनाव तक नहीं हुए हैं।

 

कांग्रेस का पलटवार

 

इस प्रकरण पर कांग्रेस नेता Ganesh Godiyal ने प्रदेश में अराजक स्थिति का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष के भीतर ही टकराव की स्थिति बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारी के साथ मारपीट हुई, वे उच्च शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat के करीबी माने जाते हैं और इन्हीं समीकरणों के चलते उनकी नियुक्ति हुई थी। अब सत्ताधारी दल के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।

 

आगे की राह

 

पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन की अगली कार्रवाई और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह घटनाक्रम न केवल प्रशासनिक शिष्टाचार, बल्कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संबंधों की प्रकृति पर भी व्यापक सवाल खड़े कर रहा है।

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