देहरादून। अगर आप भी लाइट चले जाने के बाद सायरन की आवाज सुनकर घबरा गए हैं तो घबराएगी नहीं। यह कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है बल्कि प्रशासन द्वारा देहरादून में की जा रही ब्लैकआउट मॉक ड्रिल है।
दरअसल,उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज (शुक्रवार) रात प्रशासन की ओर से एक अहम ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जा रही हैं। जिसके चलते ठीक 10:05 पर देहरादून शहर की बिजली चली गई है और सायरन की आवाज आने लगी है।
मॉक ड्रिल के जरिए शहर के नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को परखा जाएगा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
30 मिनट होगा ब्लैकआउट
प्रशासन के अनुसार,रात 10.05 से लगभग 30 मिनट तक शहर के कई इलाकों में ब्लैकआउट रहेगा। इस दौरान स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों की रोशनी अस्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।
मॉकड्रिल शुरू होने से पहले संबंधित क्षेत्रों में आपातकालीन सायरन बजाया जाएगा, जिससे आम लोगों को संकेत मिल सके।
इन इलाकों में होगा अभ्यास
मॉकड्रिल के तहत शहर के प्रमुख स्थानों जैसे आईएसबीटी, रायपुर, घंटाघर और आराघर क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन जगहों पर विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया जाएगा।
क्या है मॉकड्रिल का उद्देश्य?
यह अभ्यास भारत सरकार के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का मूल्यांकन करना, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
जनता के लिए जरूरी सूचना
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक मॉकड्रिल (अभ्यास) है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। नागरिकों से अपील की गई है कि सायरन बजने पर सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की तैयारियां भविष्य में किसी भी आपदा के समय जनहानि और नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।




