Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1.11 लाख करोड़ के बजट को हरी झंडी, 28 प्रस्ताव पारित
देहरादून: उत्तराखंड सरकार की बुधवार को आयोजित मंत्रिपरिषद बैठक में अहम निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 28 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले बजट को भी मंजूरी दे दी गई है।
सरकार ने आगामी वर्ष के बजट आकार में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। इस वृद्धि के साथ वर्ष 2026–27 में राज्य का कुल बजट 1.11 लाख करोड़ रुपये रहेगा, जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। बजट में आवश्यक संशोधन करने के अधिकार भी मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री को प्रदान कर दिए हैं।
बजट और प्रशासनिक निर्णय
कैबिनेट ने यूनाइटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) के ढांचे में 14 नए पद सृजित करने की स्वीकृति दी। इसके अतिरिक्त सहायक महाप्रबंधक (लेखा) के पदनाम में बदलाव और ऑफिस बॉय के मानदेय संशोधन को भी मंजूरी मिली।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के दायरे को बढ़ाते हुए 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया। साथ ही स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
शहरी विकास और पर्यावरण
राज्य के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित किए जाएंगे, जिन पर संविदा के आधार पर नियुक्तियां होंगी। इसके अलावा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘क’ और ‘ख’ के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली 2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी गई।
उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग के लिए नीति 2026 को स्वीकृति मिली है। विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम के क्रियान्वयन को भी हरी झंडी दी गई।
कृषि, पोषण और सामाजिक योजनाएं
कैबिनेट ने सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान ‘बाल पालाश’ योजना के अंतर्गत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में नए पोषक तत्व जोड़ने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में भी संशोधन करते हुए अंडा, दूध और केले के अतिरिक्त अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
विधायी और न्यायिक फैसले
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक को पुनः विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है। साथ ही जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्यपीठ देहरादून में यथावत रखने और हल्द्वानी में अतिरिक्त पीठ या सर्किट बेंच स्थापित करने को स्वीकृति मिली।
समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक 2026 और उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी गई है।
देहरादून (विकासनगर), उधम सिंह नगर (काशीपुर) और नैनीताल मुख्यालय में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही नैनीताल हाईकोर्ट के लिए एक और जिला न्यायालयों के लिए 13, कुल 14 कोर्ट मैनेजर के पद सृजित किए जाएंगे।
अन्य प्रमुख निर्णय
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिकीय संवर्ग का पुनर्गठन किया जाएगा। किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष और नामित सदस्यों के लिए प्रति बैठक मानदेय निर्धारित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में तदर्थ, अनुबंध या आउटसोर्स आधार पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (एलटी) विशेष शिक्षा शिक्षक के पदों पर नियमित नियुक्ति प्रदान करने को भी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि बैठक में 32 विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिनमें से 28 प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति दी गई। आगामी विधानसभा बजट सत्र में पेश किए जाने वाले बजट पर भी विस्तृत चर्चा की गई।




